आरटीओ की चेकिंग में 10 स्कूल बसों का चालान किया , 3 सीज
फिटनेस और सुरक्षा मानकों में मिलीं खामियां, 'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान के तहत कार्रवाई
मेरठ। स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने गुरुवार दोपहर 2 बजे मवाना तहसील में बड़ा अभियान चलाया। 'मिशन सेफ फ्यूचर' के तहत की गई सघन जांच में 40 स्कूल बसों का निरीक्षण किया गया, जिसमें अनियमितताएं मिलने पर 10 बसों का चालान और 3 बसों को सीज कर दिया गया। अभियान 1 जुलाई से 15 जुलाई तक जिलेभर में जारी रहेगा।
एआरटीओ (प्रवर्तन) सुधांशु रंजन के नेतृत्व में मवाना तहसील क्षेत्र में विभिन्न स्कूलों की करीब 40 बसों का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र समेत सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। साथ ही स्कूल वाहनों के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का भी परीक्षण किया गया।
10 बसों का चालान, 3 मौके पर सीज
निरीक्षण में कई स्कूल बसों में नियमों का उल्लंघन पाया गया। दस्तावेजों में कमी और सुरक्षा मानकों का पालन न करने पर 10 बसों के चालान किए गए। वहीं गंभीर खामियां मिलने पर 3 स्कूल बसों को मौके पर ही सीज कर दिया गया।
सुरक्षा उपकरणों की भी हुई जांच
अभियान के दौरान बसों में आपातकालीन निकास द्वार, प्राथमिक उपचार किट, अग्निशामक यंत्र, स्पीड गवर्नर, जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम, सीसीटीवी कैमरा, परिचालक की उपलब्धता, विद्यालय का नाम और संपर्क विवरण, चालक का नाम व मोबाइल नंबर जैसे सुरक्षा मानकों की भी जांच की गई। जिन वाहनों में ये व्यवस्थाएं अधूरी मिलीं, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
15 जुलाई तक चलेगा अभियान
परिवहन विभाग का 'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान 1 जुलाई से 15 जुलाई तक संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्कूलों में संचालित सभी वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों और वैध दस्तावेजों के साथ ही बच्चों को लाएं-ले जाएं।
बार-बार लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
एआरटीओ (प्रवर्तन) सुधांशु रंजन ने कहा कि जिन विद्यालयों द्वारा बार-बार चेतावनी के बावजूद फिटनेस, परमिट और अन्य आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं किए जाएंगे या सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ चालान और सीजर जैसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
विद्यालयों से बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील
परिवहन विभाग ने सभी विद्यालय प्रबंधनों से अपील की है कि वे बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। सभी स्कूल वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित किए जाएं तथा फिटनेस, परमिट सहित सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर अपडेट कराए जाएं, ताकि भविष्य में कार्रवाई की नौबत न आए।


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