डीजेटी माइक्रोफाइनेंस ने एमएसएमई और दिल्ली एनसीआर, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए गोल्ड लोन लांच किया

मेरठ ।भारत की सबसे तेजी से बढ़ रही एनबीएफसी-एमएफआई डीजेटी माइक्रोफाइनेंस ने व्यक्तियों और छोटे व्यवसायियों को सुरक्षित ऋण तक त्वरित एवं सुगम पहुंच उपलब्ध कराने के लिहाज से डिजाइन की गई गोल्ड लोन सुविधा शुरू करने की घोषणा की है। इस उत्पाद को वेतनभोगी पेशेवरों, स्वरोजगार में लगे व्यक्तियों, व्यापारियों, छोटे कारोबार के स्वामियों और एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों) को ध्यान में रखकर उतारा गया है और शुरुआत में यह पूरे दिल्ली एनसीआर, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में उपलब्ध होगा। इससे वंचित खंडों की जरूरतों के अनुरूप डीजेटी माइक्रोफाइनेंस का वित्तीय समाधानों का पोर्टफोलियो मजबूत होगा।

इस लांचिंग पर डीजेटी माइक्रोफाइनेंस के सीओओ अविनाश कुमार ने कहा, “घरेलू या कार्यशील पूंजी की जरूरतें पूरी करने के लिहाज से लोगों और छोटे व्यवसायियों के लिए समय पर ऋण मिलना महत्वपूर्ण होता है। हमारे गोल्ड लोन की पेशकश ग्राहकों के लिए एक तेज, पारदर्शी और सुरक्षित तरीका उपलब्ध कराता है जिससे वे पूर्ण नियामकीय अनुपालन को बनाए रखते हुए अपने सोने की संपत्तियों के बदले नकदी ले सकें। जबरदस्त सुरक्षा प्रणालियों और लचीले पुनर्भुगतान विकल्पों के साथ एक डिजिटल प्रक्रिया मिलाकर हमारा लक्ष्य एक ऐसा विश्वसनीय वित्तीय समाधान उपलब्ध कराना है जो हमारे ग्राहकों की उभरती जरूरतें पूरी करता हो।”

ग्राहक पात्रता और सोने के मूल्यांकन के आधार पर 5,000 रुपये के शुरुआती ऋणों का लाभ उठा सकते हैं। दस्तावेजों और बंधक पत्रों का सत्यापन होने पर इस ऋण की मंजूरी एवं वितरण प्रक्रिया 15 मिनटों में पूरी हो जाएगी। डीजेटी माइक्रोफाइनेंस एक कागजरहित डिजिटल प्रक्रिया अपना रही है जिसमें कम से कम दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है। 

इसमें ऋण लेने वालों को लचीले पुनर्भुगतान विकल्प मिलेंगे जिसमें आंशिक भुगतान के साथ ही परिपक्वता पर मूलधन के पुनर्भुगतान और मासिक ब्याज का भुगतान और कंपनी की नीति के मुताबिक फोरक्लोजर और टॉप-अप सुविधाओं के विकल्प होंगे।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने “Lending Against Gold and Silver Collateral Directions, 2025,”शीर्षक से एक भविष्य उन्मुखी नियामकीय रूपरेखा पेश की है जो 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी है। संशोधित नियमों के तहत आरबीआई ने 2.5 लाख रुपये से नीचे के ऋण के लिए अनुमान्य लोन-टु-वैल्यू (एलटीवी) अनुपात पूर्व के 75 प्रतिशत के मुकाबले बढ़ाकर 85 प्रतिशत करते हुए गोल्ड लोन नियमन में ढील दी है जिसका लक्ष्य छोटी उधारी लेने वालों के लिए ऋण तक पहुंच सुधारना है।

इस गोल्ड लोन उत्पाद की लांचिंग पूरे उत्तर भारत में ग्राहकों के लिए सुगम और जिम्मेदारी भरे ऋण समाधानों का विस्तार करने के डीजेटी माइक्रोफाइनेंस के सतत ध्यान को परिलक्षित करती है जिससे लोग गति और विश्वास के साथ अपनी व्यक्तिगत और कारोबारी वित्तीय जरूरतें पूरी कर सकें। 


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