छत्तीसगढ़ समेत पाँच राज्यों के किसानों तक पहुँचेंगे आधुनिक कृषि के समाधान

 इनेरा और क्रॉपनेक्स्ट की साझेदारी से करीब 500 करोड़ रुपए के कृषि कारोबार की संभावना

5,000 से ज्यादा चैनल पार्टनर्स और रिटेल आउटलेट्स के जरिए 65 लाख से अधिक किसानों तक पहुँचेगी नई कृषि तकनीक

उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में स्थायी और बदलते मौसम के अनुकूल खेती को मिलेगा बढ़ावा

छत्तीसगढ़, 30 जून, 2026 : इनेरा क्रॉप साइंस और क्रॉपनेक्स्ट सॉल्यूशंस ने उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा के किसानों तक विज्ञान आधारित जैविक कृषि समाधान पहुँचाने के लिए रणनीतिक साझेदारी की है। इसके तहत, दोनों कंपनियाँ आने वाले कई वर्षों तक साथ मिलकर काम करेंगी।  

इस साझेदारी से करीब 500 करोड़ रुपए के कृषि कारोबार की संभावना है। इसका लक्ष्य 5,000 से ज्यादा चैनल पार्टनर्स और रिटेल आउटलेट्स के नेटवर्क के जरिए 65 लाख से अधिक किसानों तक पहुँच बनाना है। साथ ही, करीब 20 लाख एकड़ खेती वाले क्षेत्र में जैविक कृषि उत्पादों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने का भी लक्ष्य रखा गया है।

छत्तीसगढ़ को इस साझेदारी के प्रमुख राज्यों में शामिल किया गया है, क्योंकि यहाँ धान, मक्का और सब्जियों की खेती बड़े पैमाने पर होती है। इस साझेदारी के जरिए राज्य के किसानों के लिए स्थायी खेती से जुड़े ऐसे समाधान पेश करने की योजना है, जो फसल की पैदावार बढ़ाने, मिट्टी की सेहत बेहतर करने और बदलते मौसम से होने वाली चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना करने में मदद करेंगे।

इस साझेदारी का बड़ा उद्देश्य छोटे किसानों की आमदनी बढ़ाना, उन्हें बदलते मौसम के असर से बेहतर तरीके से निपटने के लिए तैयार करना और आने वाले समय की खेती के लिए उन्हें मजबूत बनाना है।

किसानों को खेती की बढ़ती लागत, मौसम के लगातार बदलते मिजाज, मिट्टी की घटती उर्वरता, पानी की कमी और कीटों के बढ़ते प्रकोप जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इनका असर देशभर में खेती और किसानों की आय पर पड़ रहा है। ऐसे में स्थायी और कम संसाधनों में बेहतर खेती के समाधान पहले से ज्यादा जरूरी हो गए हैं।

विज्ञान आधारित जैविक कृषि समाधान इन चुनौतियों से निपटने में अहम् भूमिका निभा सकते हैं। ये खेती में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों का बेहतर उपयोग करने, फसल की पैदावार सुधारने, मिट्टी की सेहत मजबूत करने और किसानों को ज्यादा स्थायी खेती अपनाने में मदद करते हैं।

इनेरा और क्रॉपनेक्स्ट का उद्देश्य इन समाधानों को किसानों के लिए उपयोगी, आसानी से उपलब्ध और बड़े स्तर तक पहुँचाने योग्य बनाना है।

जहाँ इनेरा विज्ञान आधारित जैविक कृषि समाधानों की अपनी रेंज लेकर आया है, जो मिट्टी की सेहत बेहतर बनाने और फसलों को मजबूत करने में मदद करती है, वहीं क्रॉपनेक्स्ट पूर्वी भारत में अपने मजबूत वितरण नेटवर्क, रिटेलर कनेक्ट और किसानों तक सीधी पहुँच के जरिए इस साझेदारी को मजबूती देगा।

दोनों कंपनियाँ मिलकर खेती से जुड़ी नई तकनीकों को किसानों के करीब लाने का काम करेंगी। इसके तहत किसानों को केवल उत्पाद ही नहीं, बल्कि सही जानकारी, जागरूकता और जमीनी स्तर तक जरूरी सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।

इस साझेदारी के बारे में बात करते हुए, इनेरा क्रॉप साइंस के संस्थापक अगम खरे ने कहा, "जलवायु परिवर्तन का असर अब देश के छोटे किसानों की खेती में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। बढ़ती गर्मी, कीटों का बढ़ता प्रकोप और खेती की बढ़ती लागत जैसी चुनौतियाँ लगातार सामने आ रही हैं। हमारा मानना है कि विज्ञान आधारित जैविक कृषि समाधान खेती को ज्यादा लाभदायक, मजबूत और स्थायी बना सकते हैं।क्रॉपनेक्स्ट के साथ हमारी यह साझेदारी इस सोच को बड़े स्तर पर किसानों तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा लक्ष्य भारत से स्थायी खेती की एक नई शुरुआत करना है।"

क्रॉपनेक्स्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक अजीत सिंह चहल ने कहा, "क्रॉपनेक्स्ट ने पूर्वी भारत में खेती से जुड़े एक मजबूत नेटवर्क के दम पर अपनी पहचान बनाई है। इस साझेदारी के जरिए अब हम अपने किसानों और चैनल नेटवर्क तक विज्ञान पर आधारित जैविक कृषि उत्पादों की ऐसी रेंज पहुँचा पाएँगे, जो आज की जरूरतों को भी पूरा करती है और आने वाले समय की खेती के लिए भी बेहद जरूरी है।"

यह साझेदारी लंबे समय तक साथ मिलकर काम करने की सोच के साथ की गई है।इसका उद्देश्य एक ऐसा मजबूत और टिकाऊ कृषि इकोसिस्टम विकसित करना है, जिससे किसानों की आमदनी बढ़े, फसलों की पैदावार बेहतर हो और मिट्टी की सेहत में भी लगातार सुधार होता रहे।

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