श्रमिक की बेटियों के हाथ पीले करेगी यूपी सरकार
- वर्तमान वित्तीय वर्ष में 68 आवेदन पत्र किए गए स्वीकार, पंजीकरण प्रक्रिया जारी
- वर्ष 2025-26 में 2549 श्रमिक परिवारों को मिला था योजना का लाभ
मेरठ, 9 जून। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से श्रमिक परिवारों की पु़ित्रयों के विवाह के लिए प्रदान की जाने वाली आर्थिक मदद संबल बनकर उभर रही है। वर्ष 2025-26 में जिले के 2549 श्रमिक परिवारों की कन्याओं के विवाह में 14 करोड़ से अधिक की आर्थिक मदद प्रदान की गई थी। इस वर्ष 68 श्रमिक परिवारों की ओर से प्राप्त आवेदनों को स्वीकृत कर दिया गया है। इन दिनों जारी पंजीकरण प्रक्रिया में आवेदन करके श्रमिक परिवार योजना का लाभ ले सकते हैं।
दरअसल, विभाग की ओर से संचालित कन्या विवाह सहायता योजना के तहत श्रमिकों की दो पुत्रियों अथवा स्वयं महिला श्रमिक के सामान्य विवाह में आर्थिक मदद प्रदान की जा रही है। सामान्य विवाह की श्रेणी में 65 हजार रूपये लाभार्थी को प्रदान किए जाते हैं, जबकि अन्तर्जातीय विवाह होने पर 75 हजार की आर्थिक मदद की जाती है। सामूहिक विवाह की स्थिति में एक लाख रूपये की कुल मदद होती है, जिसमें से 85 हजार रूपये वधू के खाते में और 15 हजार रूपये आयोजन में व्यय किए जाते हैं।
यह योजना श्रमिक परिवारों के लिए काफी मददगार साबित हो रही है। इस योजना में पिछले वित्तीय वर्ष में कुल 2549 श्रमिक परिवारों को 14 करोड़, 1 लाख, 95 हजार रूपये की आर्थिक मदद दी गई थी। इस योजना के तहत जिले में अब तक 11949 श्रमिक परिवारों को लाभ पहुंचाया जा चुका है। मार्च से मई तक मेरठ मंडल के 195 श्रमिक परिवारों को मेरठ और गाजियाबाद में सामूहिक विवाह योजना के तहत लाभ प्रदान किया गया है। योजना का लाभ उन्हीं श्रमिकों को प्रदान किया जाता है, जिनके पंजीयन को एक वर्ष पूरा हो गया है। विवाह सम्पन होने के 1 वर्ष के भीतर एवं सामूहिक विवाह की स्थिति में 15 दिन पूर्व आवेदन करने की सुविधा प्रदान की जाती है।
उपश्रमायुक्त राजेश मिश्रा ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में भी सामूहिक विवाह आयोजित करने के शासन से निर्देश प्राप्त हुए हैं। इसके तहत पंजीकरण प्रक्रिया जारी है। अभी तक 68 आवेदन पत्रों को स्वीकृत किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में पुनर्विवाह की स्थिति में भी यह आर्थिक मदद प्रदान की जाती है।


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