आईआईएमटी यूनिवर्सिटी नॉर्दर्न रीजन की पहली एआई-फर्स्ट यूनिवर्सिटी बनी
- गूगल क्लाउड के साथ आईआईएमटी विश्वविद्यालय ने किया ऐतिहासिक समझौता
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड कंप्यूटिंग से छात्रों को मिलेगा सफल करियर निर्माण का अवसर
मेरठ। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए, आईआईएमटी यूनिवर्सिटी ने गूगल क्लाउड के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है, जिसके साथ यह नॉर्दर्न रीजन की पहली एआई-फर्स्ट एवं एआई-रेडी यूनिवर्सिटी बन गई है। यह सहयोग पारंपरिक शिक्षा पद्धति से आगे बढ़कर उद्योग-आधारित नवाचार और कौशल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि प्रत्येक छात्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड कंप्यूटिंग के माध्यम से भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विज़न से प्रेरित होकर आईआईएमटी यूनिवर्सिटी का मानना है कि राष्ट्रीय विकास की शुरुआत कक्षा से होती है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए विश्वविद्यालय ने एआई को केवल तकनीकी पाठ्यक्रमों तक सीमित न रखते हुए कला, वाणिज्य, विज्ञान और प्रबंधन सहित विभिन्न विषयों का अभिन्न हिस्सा बनाया है। विश्वविद्यालय अपने छात्रों को प्रीमियम एआई टूल्स तक पहुँच उपलब्ध करा रहा है, जिससे वे केवल एआई का उपयोग ही नहीं बल्कि उसके माध्यम से नवाचार करना भी सीख सकें।
छात्रों को डिग्री के साथ मिलेगा गूगल क्लाउड स्किल बैज और प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन
जहाँ एक सामान्य बी.टेक. डिग्री मुख्यतः बुनियादी कोडिंग और कंप्यूटर साइंस की अवधारणाओं पर केंद्रित होती है, वहीं आईआईएमटी यूनिवर्सिटी में गूगल क्लाउड द्वारा समर्थित पाठ्यक्रम छात्रों को वास्तविक दुनिया की क्लाउड प्रणालियों को विकसित करने, तैनात करने और संचालित करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा। विश्वविद्यालय का पाठ्यक्रम गूगल क्लाउड की नवीनतम तकनीकों और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया गया है।
छात्र विश्वविद्यालय की डिग्री के साथ-साथ गूगल क्लाउड स्किल बैज एवं प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन प्राप्त करने का अवसर भी प्राप्त करेंगे। क्लाउड स्किल बूस्ट प्लेटफॉर्म के माध्यम से छात्र वास्तविक गूगल क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित लैब्स में भाग लेकर डेटा प्रबंधन, एप्लिकेशन डिप्लॉयमेंट तथा एआई वर्कलोड्स के संचालन का अनुभव प्राप्त करेंगे।
आईआईएमटी यूनिवर्सिटी ने गूगल क्लाउड इंटीग्रेशन के साथ चार विशेष पाठ्यक्रम शुरू किए
गूगल क्लाउड के सहयोग से आईआईएमटी यूनिवर्सिटी ने चार विशेष पाठ्यक्रम प्रारम्भ किए हैं, जिन्हें उद्योग की वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया गया है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा इंजीनियरिंग और आधुनिक डिजिटल तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
चार वर्षीय फ्लैगशिप प्रोग्राम्स
1. बी.टेक. कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विद गूगल क्लाउड स्पेशलाइजेशन
यह कार्यक्रम छात्रों को कंप्यूटर साइंस की मजबूत नींव के साथ गूगल क्लाउड तकनीकों, क्लाउड आर्किटेक्चर, एआई टूल्स और उद्योग-उन्मुख कौशलों में विशेषज्ञता प्रदान करेगा।
2. बी.टेक. कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग इन क्लाउड इनोवेशन विद गूगल क्लाउड
यह कार्यक्रम क्लाउड-नेटिव एप्लिकेशन डेवलपमेंट, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, एआई इंटीग्रेशन और अगली पीढ़ी की क्लाउड तकनीकों पर केंद्रित है, जिससे छात्र भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
तीन वर्षीय करियर-केंद्रित प्रोग्राम्स
3. बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लिकेशन्स (बीसीए) विद गूगल क्लाउड स्पेशलाइजेशन
यह कार्यक्रम छात्रों को सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, क्लाउड कंप्यूटिंग और आधुनिक एप्लिकेशन तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगा, जिससे वे उद्योग में तेजी से रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें।
4. बैचलर ऑफ साइंस इन क्लाउड इनोवेशन विद गूगल क्लाउड
यह कार्यक्रम क्लाउड टेक्नोलॉजी, डेटा प्रबंधन, एआई-आधारित समाधानों और डिजिटल नवाचार पर आधारित है, जो छात्रों को उभरते हुए तकनीकी क्षेत्रों में सफल करियर के लिए तैयार करेगा।
इन सभी कार्यक्रमों के विद्यार्थियों को आईआईएमटी यूनिवर्सिटी की डिग्री के साथ-साथ गूगल क्लाउड स्किल बैज, उद्योग-संबंधित प्रशिक्षण, हैंड्स-ऑन लैब्स और गूगल क्लाउड इकोसिस्टम पर कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा।
आईआईएमटी यूनिवर्सिटी का मानना है कि भविष्य उन्हीं का है जो एआई और डिजिटल तकनीकों का प्रभावी उपयोग कर नवाचार कर सकते हैं। प्रत्येक विषय में एआई और क्लाउड तकनीकों को शामिल कर विश्वविद्यालय अपने छात्रों को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि भविष्य का नवप्रवर्तक और रोजगार सृजक बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
वर्ष 2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ हो चुकी है। इच्छुक छात्र गूगल क्लाउड समर्थित इन विशेष कार्यक्रमों में प्रवेश लेकर अपने तकनीकी भविष्य को नई दिशा दे सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर संपर्क किया जा सकता है।
वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग फॉर इनोवेशन में आईआईएमटी विश्वविद्यालय को भारत में प्रथम एवं विश्व स्तर पर चौथा स्थान
आईआईएमटी यूनिवर्सिटी ने वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग फॉर इनोवेशन के अंतर्गत उद्यमिता संस्कृति एवं पारिस्थितिकी तंत्र श्रेणी में भारत में प्रथम तथा विश्व स्तर पर चौथा स्थान प्राप्त कर वैश्विक शिक्षा जगत में उल्लेखनीय पहचान बनाई है। विश्वविद्यालय ने इस प्रतिष्ठित रैंकिंग की विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए चार श्रेणियों में भारत में प्रथम तथा दस श्रेणियों में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।
यह उपलब्धि उद्यमिता, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इसके अतिरिक्त, आईआईएमटी विश्वविद्यालय को एजुकेशन वर्ल्ड रैंकिंग 2026 में अखिल भारतीय स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है। विश्वविद्यालय ने आर-वर्ल्ड इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग 2026, एम्प्लॉयबिलिटी एंड स्टार्टअप इकोसिस्टम रैंकिंग 2026, रिसर्च एक्सीलेंस रैंकिंग 2026 तथा इंडिया एकेडेमिया रैंकिंग 2026 में भी उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं।
विश्वविद्यालय की उत्कृष्ट शैक्षणिक गुणवत्ता, नवाचार, शोध, छात्र संतुष्टि एवं संस्थागत विकास को मान्यता देते हुए क्यूएस आई-गेज (फै प्-ळ।न्ळम्) ने आईआईएमटी विश्वविद्यालय को प्रतिष्ठित डायमंड बैंड से सम्मानित किया है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय को उत्तर प्रदेश के अग्रणी उच्च शिक्षण संस्थानों में स्थापित करती है। इसके अतिरिक्त, क्यूएस आई-गेज द्वारा आईआईएमटी विश्वविद्यालय को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए ‘इंस्टीट्यूशन ऑफ हैप्पीनेस’ के रूप में भी प्रमाणित किया गया है। इन उपलब्धियों के साथ आईआईएमटी विश्वविद्यालय राज्य के शीर्ष विश्वविद्यालयों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है तथा गुणवत्तापूर्ण एवं छात्र-केंद्रित शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नए मानक स्थापित कर रहा है।
आईआईआरएफ रैंकिंग 2025 में विश्वविद्यालय को निजी विश्वविद्यालयों की श्रेणी में उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था। आईआईआरएफ रैंकिंग 2024 में भी विश्वविद्यालय ने उभरते निजी विश्वविद्यालयों में राज्य स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया था। इसके साथ ही विश्वविद्यालय ने जोनल रैंकिंग में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल (प्प्ब्) द्वारा विश्वविद्यालय को 4-स्टार रेटिंग प्रदान की गई। नवाचार और स्टार्टअप प्रोत्साहन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए विश्वविद्यालय नॉर्दर्न इंडिया के अग्रणी संस्थानों में शामिल रहा है।
संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (ैक्ळे) के प्रति अपने योगदान के लिए विश्वविद्यालय को विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित किया गया है। क्यूएस आई-गेज द्वारा आईआईएमटी विश्वविद्यालय को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए ‘इंस्टीट्यूशन ऑफ हैप्पीनेस’ के रूप में प्रमाणित किया गया। वहीं एआरआईआईए 2021 रैंकिंग में विश्वविद्यालय को निजी विश्वविद्यालयों की श्रेणी में ‘उत्कृष्ट’ बैंड प्राप्त हुआ था।


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