पति से विवाद  में कलयुगी मां भूख से बिलखती दो मासूम बच्चियों कमरे बंद कर चली गयी मायके 

 बेटियों की रोने की आवाज सुनने पर मकान मालकिन ने निकाला बाहर 

मैनपुरी। बच्चों का मोह किसी नहीं होता खास तौर पर मां को । लेकिन मैनपुरी में एक महिला ने इस सच को झूटलाते हुए पति से विवाद में अपनी नाराज होकर  अपनी छह माह और तीन साल की बेटियों को दिल्ली में कमरे में बंद छोड़कर मायके चली गई। बच्चों के रोने की आवाज सुनकर मकान मालकिन ने उन्हें बाहर निकाला और सूचना पिता को दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया।

मैनपुरी के दन्नाहार थाना निवासी मोनू अपनी पत्नी स्वाति के साथ दिल्ली में रहकर ड्राइविंग का काम करता है और अपने बच्चों, तीन वर्षीय बेटी मोनिका और छह माह की बेटी अनन्या, का पालन-पोषण कर रहा है। बुधवार को किसी बात को लेकर मोनू ने अपनी पत्नी स्वाति को डांट दिया था। इसी बात से नाराज पत्नी जब मोनू गाड़ी चलाने चला गया, तो दोनों बेटियों को कमरे में बंद कर बाहर से कुंडी लगा दी और अपने मायके थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव राजलपुर चली आई।

जब मकान मालकिन ने कमरे से बच्चों के रोने की आवाज सुनी तो उसने जाकर देखा और पाया कि बच्चे अंदर रो रहे हैं। उसने तुरंत मोनू को सूचित किया। मोनू जब कमरे पर पहुंचा तो उसने देखा कि बच्चे बिस्तर पर रो रहे हैं। मोनू दोनों बच्चों को लेकर अपने गांव धर्मंगदपुर नगरिया आ गया। जब उसने अपनी पत्नी स्वार्थी से संपर्क करने की कोशिश की तो उसका फोन स्विच ऑफ मिला।

शुक्रवार सुबह, मोनू अपने पिता के साथ दोनों बच्चों को लेकर थाने पहुंचा। उसने पुलिस को बताया कि छह माह की अनन्या अभी मां का दूध पीती है और भूख से परेशान है। पुलिस ने जब पत्नी से संपर्क किया तो उसने बताया कि वह अपने पिता के घर राजलपुर में है और अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती। मोनू और उसके पिता ने पुलिस से गुहार लगाई कि इन छोटे बच्चों के भविष्य का क्या होगा, वे इनकी परवरिश कैसे करेंगे।

पुलिस ने फिलहाल दोनों बच्चों को उनके पिता मोनू के साथ धर्मंगदपुर नगरिया भेज दिया है। पुलिस अब स्वाति से एलाऊ थाना क्षेत्र के गांव राजलपुर संपर्क कर रही है और बच्चों को उसे सौंपने का प्रयास कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक कलह और बच्चों पर उसके गंभीर परिणामों को उजागर किया है।


No comments:

Post a Comment

Popular Posts