क्या कांग्रेस से बिहार का बदला झारखंड में लेंगे तेजस्वी

सीट 2-प्रत्याशी 3, RJD किंग मेकर; परिमल का धनबल या इंडिया गठबंधन, कौन जीतेगा

पटना। झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। प्रत्याशी तीन हैं, जिसके चलते 18 जून को वोटिंग होगी। अहमदाबाद के परिमल नाथवानी के उतरने से मुकाबला रोचक बन गया है। इन्हें भाजपा और NDA का समर्थन है।

नाथवानी 755 करोड़ रुपए की संपत्ति के मालिक हैं। राजनीतिक गलियारे में माना जा रहा है कि वह ‘हिसाब-किताब’ करके मैदान में डटे हैं। उनके इस गणित को कांग्रेस हॉर्स ट्रेडिंग का नाम दे रही है।इंडिया ब्लॉक के पास 56 विधायक हैं। अगर सब एकजुट रहे तो उनकी दोनों सीटों पर जीत तय है। नाथवानी या कांग्रेस के प्रणव झा जीतेंगे यह तेजस्वी के चार विधायक तय करेंगे।

एक सीट जीतने के लिए चाहिए 28 विधायक

राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 विधायक चाहिए। इंडिया ब्लॉक के पास 56 MLA हैं। इसके अनुसार सभी ने वोट दिए और कोई क्रॉस वोटिंग नहीं हुई तो गठबंधन के दोनों उम्मीदवार जीत जाएंगे। लेकिन भाजपा समर्थित परिमल नाथवानी की मौजूदगी ने इस खेल को इतना सीधा और आसान नहीं रहने दिया है।

क्या है संख्या बल?

झारखंड में विधानसभा की कुल 81 सीटें हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 28 विधायकों के प्रथम वरीयता के वोटों की जरूरत है।इंडिया ब्लॉक में शामिल झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और भाकपा माले के 2 विधायक हैं।दूसरी ओर NDA में भाजपा के 21, आजसू के 1, जेडीयू के 1 और LJP (R) के 1 विधायक हैं। कुल संख्या 24 हुई। इस हिसाब से NDA को चार विधायकों की जरूरत है।

झामुमो के बैजनाथ राम की जीत पक्की

हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली पार्टी झामुमो के उम्मीदवार बैजनाथ राम की जीत पक्की मानी जा रही है। उन्हें 28 वोट चाहिए और पार्टी के पास 34 विधायक हैं। मतलब जरूरत से 6 अधिक। इंडिया ब्लॉक की ओर से दूसरे उम्मीदवार कांग्रेस के प्रणव झा हैं। इनका मुकाबला परिमल नाथवानी से है।

क्यों तेजस्वी यादव के हाथ आई जीत दिलाने की ताकत?

कांग्रेस के प्रणव झा को जीत तभी मिलेगी जब उन्हें झामुमो के बचे हुए 6, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और भाकपा माले के 2 विधायक वोट दें।

दूसरी ओर नाथवानी को NDA के 24 विधायकों का वोट मिलना तय माना जा रहा है। ऐसे में इंडिया ब्लॉक की पार्टियों के चार विधायक टूट जाते हैं और नाथवानी के समर्थन में वोट कर देते हैं तो उनकी जीत हो जाएगी।

तेजस्वी यादव की पार्टी राजद के चार विधायक हैं। इनके पास ताकत है कि नाथवानी या प्रणव में से किसी एक को जीत दिला दें। बिहार में भाजपा ने मार्च में हुए राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन के विधायकों को तोड़कर पहले ही उदाहरण पेश कर दिया है।

क्या बिहार का बदला झारखंड में ले सकते हैं तेजस्वी?

मार्च में बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए चुनाव हुए। सत्ताधारी गठबंधन NDA के पास 4 प्रत्याशी को जीत दिलाने लायक संख्या बल था। वहीं, विपक्ष की सभी पार्टियों के विधायक वोट देते तो महागठबंधन की ओर से राजद के उम्मीदवार ए़डी सिंह जीत सकते थे।

16 मार्च 2026 को मतदान हुए, नतीजे चौंकाने वाले आए। कांग्रेस के तीन विधायक गायब रहे। राजद के एक विधायक भी वोट डालने नहीं आए। इसके चलते एनडीए के 5वें उम्मीदवार को जीत मिल गई। बिहार में कांग्रेस के 6 विधायक हैं, इनमें से 3 ने राजद उम्मीदवार को वोट नहीं दिया।

ऐसे में राजनीतिक गलियारों में एक सवाल पर खूब चर्चा हो रही है कि क्या तेजस्वी बिहार में मिली हार का बदला झारखंड में कांग्रेस उम्मीदवार को हराकर ले सकते हैं।

ऐसा न हो इसके लिए कांग्रेस नेतृत्व भी एक्टिव है। राहुल गांधी ने हेमंत सोरेन से तीन बार बात की है। बिहार में कांग्रेस नेता अखिलेश सिंह के माध्यम से कांग्रेस नेतृत्व की बात तेजस्वी यादव से हुई है।दूसरी ओर एक चर्चा यह भी है कि NDA में भी टूट हो सकती है। विधायक सरयू राय की नाराजगी की खबर आती रहती है।

कौन से सीट हुए हैं खाली?

जिन दो राज्यसभा सीटों पर मतदान होना है, उनमें एक सीट JMM संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हुई है। जबकि दूसरी सीट भाजपा नेता दीपक प्रकाश का कार्यकाल समाप्त होने के कारण खाली हो रही है।

परिमल को जिताने के लिए NDA के पास 2 ऑप्शन

1- RJD के चारों विधायकों को तोड़ लें। ऐसा करने पर NDA के 24 और राजद के 4 विधायक मिलकर 28 हो जाएंगे। वह कांग्रेस या भाकपा माले के विधायकों को अपने साथ लाने की कोशिश कर सकते हैं। उन्हें किसी तरह चार विधायकों का वोट चाहिए।

2- दूसरा विकल्प है कि 10 विधायकों को वोट नहीं देने या इस तरह मतदान करने के लिए मना लें कि उनके वोट रद्द हो जाएं। ऐसे में कुल वैध वोटों की संख्या 71 हो जाएगी। जीत के लिए जरूरी संख्या बल गिरकर 24 हो जाएगा।

NDA की चाल नाकाम करने के लिए क्या है महागठबंधन की तैयारी?

I.N.D.I.A. गठबंधन की कोशिश है कि उसके सभी विधायक एकजुट रहें। मंगलवार को गठबंधन के सभी विधायक और प्रमुख नेता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर पहुंचे।

विधायकों को मतदान करने की ट्रेनिंग दी गई ताकि उनके वोट रद्द नहीं हों। मॉक पोल कराकर बताया गया कि किस तरह वोट डालना है, क्या करना है और क्या नहीं। 18 जून को सभी विधायक पहले मुख्यमंत्री आवास पर जुटेंगे। इसके बाद एक साथ विधानसभा पहुंचकर मतदान करेंगे।

अब जानिए कौन हैं राज्यसभा चुनाव के तीनों उम्मीदवार

1- परिमल नाथवानी

परिमल नाथवानी गुजरात के अहमदाबाद के रहने वाले हैं। अरबपति कारोबारी परिमल निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं, उन्हें भाजपा ने समर्थन दिया है। इनकी कुल चल-अचल संपत्ति 755 करोड़ रुपए की है। 338 करोड़ रुपए शेयर-बॉन्ड में निवेश किए हैं। इनकी पत्नी के पास 13.67 करोड़ रुपए के गहने हैं। इन पर सर्वाधिक 256 करोड़ रुपए की देनदारी (कर्ज) भी है।

2- बैजनाथ राम

JMM के बैजनाथ राम के पास 4.55 करोड़ रुपए की संपत्ति है। इन्हें खेती और मकान के किराए से आमदनी होती है। इनके पास 14 एकड़ जमीन और 1.12 करोड़ रुपए की 5 गाड़ियां हैं। इन पर 66.86 लाख रुपए का कर्ज है।

3- प्रणव झा

कांग्रेस उम्मीदवार 53 साल के लॉ ग्रेजुएट प्रणव झा अविवाहित हैं। इनकी कुल संपत्ति 1.91 करोड़ रुपए है। इन पर कोई कर्ज नहीं है। इनके पास चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में संपत्तियां तथा 2.95 लाख रुपए की ‘टूडोर’ घड़ी है।

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