नाबालिग रेप केसः सुप्रीमकोर्ट से आसाराम को झटका
- अदालत ने सजा निलंबित करने से किया इनकार
नई दिल्ली (एजेंसी)।सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आसाराम की उस याचिका पर राजस्थान सरकार से जवाब तलब किया है, जिसमें खुद को भगवान बताने वाले आसाराम ने राज्य हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। हाई कोर्ट ने 2013 में एक नाबालिग के साथ रेप के मामले में उनकी दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था।
कोर्ट ने आसाराम की सजा को निलंबित करने से इनकार कर दिया। जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की पीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने जेल प्रशासन को आसाराम को उचित चिकित्सा सुविधाएं देने का निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि जमानत पर विचार किया जा सकता है, जब उसकी सेहत बहुत ज्यादा खराब हो।
बेंच ने मौखिक रूप से कहा कि हम अभी जमानत नहीं दे रहे हैं। राज्य का पक्ष सुनने के बाद हम इस बात पर विचार करेंगे कि क्या जमानत देने की कोई गंभीर जरूरत है, कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्थिति में ही जमानत मिल सकती जब, उसकी जान को खतरा हो।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील डीएस नायडू ने कहा कि आसाराम 80 साल से ज्यादा उम्र के हैं और कई बीमारियों से पीड़ित हैं।
गौरतलब है कि आसाराम को 25 अप्रैल 2018 को अपने आश्रम में एक नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न का दोषी ठहराया गया था और आईपीसी, पाक्सो एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की कई धाराओं के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।


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