जिला अस्पताल की स्टाफ नर्सों का वेतन न मिलने पर हंगामा, हड़ताल की चेतावनी

मेरठ। जिला अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्सों ने वेतन न मिलने से परेशान होकर जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) राम प्रसाद से मुलाकात कर अपनी समस्याएं सामने रखीं। नर्सों ने आरोप लगाया कि पिछले तीन महीने से उनका मानदेय नहीं दिया गया है, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

आउटसोर्सिंग एजेंसी मेसर्स बालाजी सोल्यूशन के तहत कार्यरत इन नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि वे पिछले 8 से 10 वर्षों से जिला अस्पताल में सेवाएं दे रही हैं। इसके बावजूद समय पर वेतन न मिलने के कारण अब स्थिति बेहद खराब हो गई है। उनका कहना है कि घर का राशन, किराया, बिजली बिल और बच्चों की स्कूल फीस तक देना मुश्किल हो गया है।

नर्सों ने बताया कि कोविड-19 जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में भी उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दी थीं, लेकिन अब लंबे समय से वेतन अटका हुआ है। कई बार मौखिक रूप से संबंधित एजेंसी और अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।कर्मचारियों ने जिलाधिकारी और सीएमओ से मांग की है कि उनके तीन माह के लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान कराया जाए, ताकि वे आर्थिक संकट से उबर सकें और अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें।

नर्सों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले दो कार्य दिवसों के भीतर भुगतान नहीं किया गया, तो वे सभी कार्य बहिष्कार करने को मजबूर होंगी। उनका कहना है कि इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित आउटसोर्सिंग एजेंसी और प्रशासन की होगी।

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