ज़ैदी फॉर्म और शहर में निकले मातमी जुलूस 

- मजलिसों में जंग ए करबला का वाक़्या सुन आंखे नम 

मेरठ। शुक्रवार को शहर के साथ ज़ैदी फॉर्म में भी मुहर्रम के मातमी जुलूसों का सिलसिला शुरू हो गया। मुहर्रम की तीन तारीख को निकाले गए जुलूसों में मातमी अंजुमनों ने जोरदार मातम किया। जैदी फार्म में निकले मातमी जुलूस में अंजुमन फौज ए हुसैनी के नोहाख्वान जावेद रजा, अयाज़ हुसैन और अर्शी नकवी ने नोहेख्वानी की। यह जुलूस ए अलम शाहिद हुसैन के अज़ाखाने से बरामद हुआ। 

 दूसरा जुलूस शहर में शहर में इमामबारगाह ज़ाहिदियान से बरामद हुआ। यह जुलूस ए अलम शिया मस्जिद के सामने से होता हुआ खत्ता रोड और पैठ एरिया होता हुआ सैय्यद हसन अली जैदी (मरहूम) के अजाखाने पर पहुंच कर संपन्न हुआ। जुलूस के प्रबंधक सैय्यद यूसुफ अली जैदी और हाजी शमशाद अली जैदी रहे। इस जुलूस में शहर की चारों अंजुमनों ने भाग लिया। इससे पूर्व आयोजित विभिन्न मजलिसों को संबोधित करते हुए आलिम ए दीन ने मोहर्रम की तीन तारीख की अहमियत बयां की। उन्होंने कहा कि तीन मुहर्रम को खुद हजरत इमाम हुसैन, उनका परिवार और उनके साथी करबला के मैदान में पहुंचे। 

वक्ताओं ने कहा कि इसी दिन यजीद की सेना के कमांडर उमर इब्न साद ने इमाम हुसैन को यजीद के प्रति निष्ठा का प्रस्ताव दिया था, लेकिन इमाम हुसैन ने इस्लाम और सच्चाई की रक्षा के लिए इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था। शहर में निकले जुलूस में अंजुमन इमामिया के वाजिद अली गप्पू, चांद मियां, रविश, मीसम, अंजुमन दस्ता ए हुसैनी के साहिब ए ब्याज़ हुमायूं अब्बास 'ताबिश', और अतीक उल हसनैन एवं तंजीम ए अब्बास के सफदर अली, दारैन जै़दी, काशिफ जै़दी और ज़िया जै़दी ने नोहाख्वानी कर शौहदा ए करबला को खिराज ए अकीदत पेश किया। जुलूस में मातमदारों ने जोरदार मातम किया। उधर शहर, जैदी फार्म और लोहिया नगर की सभी इमामबारगाहों और अजाखानों में मजलिसों का सिलसिला जारी रहा। मुहर्रम कमेटी के मीडिया प्रभारी अली हैदर रिज़वी ने बताया शनिवार को एक बड़ा परंपरागत जुलूस हुसैनाबाद स्थित डॉ इक़बाल हुसैन के अज़ाखाने से बरामद होगा, जो चौड़ा कुआं स्थित छोटी करबला पहुंचकर संपन्न होगा। इस जुलूस के प्रबंधक मुहर्रम कमेटी के संयोजक सैय्यद शाह अब्बास सफवी होंगे।

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