उप गन्ना आयुक्त ने 44 बिन्दुओं पर खंगाली गई गन्ना समिति सिम्भावली की व्यवस्थाएं
निरीक्षण में वित्तीय एवं प्रशासनिक अभिलेखों की व्यापक समीक्षा की गयी
एफ.डी.आर, बैंकिंग व्यवस्था एवं लेखा प्रबंधन पर विशेष फोकस
पारदर्शिता, जवाबदेही एवं अभिलेखीय गुणवत्ता सुधार के निर्देश
मेरठ। उप गन्ना आयुक्त यशपाल सिंह ने शुक्रवार को सहकारी गन्ना विकास समिति सिम्भावली, जनपद हापुड का 44 बिंदुओं पर विस्तृत निरीक्षण कर समिति की वित्तीय, प्रशासनिक एवं संस्थागत व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कैश बुक, जनरल बुक, लेजर, बैंक समायोजन विवरण, सावधि जमा रसीदें (एफडीआर), चेक निर्गमन अभिलेख, संपत्ति रजिस्टर, उपस्थिति पंजिका, कार्मिक विवरण, वार्षिक लेखे एवं अन्य वित्तीय दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। साथ ही फार्म मशीनरी बैंक की उपलब्धता एवं उपयोगिता तथा विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति का भी अवलोकन किया गया।
उप गन्ना आयुक्त ने बैंकों में निवेशित निधियों के सुरक्षित प्रबंधन, अभिलेखों के अद्यतन रख-रखाव तथा लेखा प्रक्रियाओं में शुद्धता बनाए रखने पर बल दिया। समीक्षा के दौरान वित्तीय अनुशासन को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। निरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत समिति के कार्मिकों को आवंटित पटल से सम्बंधित अभिलेखों का मिलान एवं क्रॉस-वेरिफिकेशन भी किया गया। इस प्रक्रिया में उपलब्ध अभिलेखों एवं लेखा प्रविष्टियों का तुलनात्मक परीक्षण कर आवश्यक टिप्पणियां दर्ज की गईं। साथ ही निरीक्षण में पायी खामियों को ठीक करने के लिये सचिव सहकारी गन्ना विकास समिति लि. सिम्भावली एवं सम्बंधित पटल सहायकों को निर्देशित किया। श्री सिंह ने कहा कि सहकारी गन्ना विकास समितियों की कार्यकुशलता सीधे तौर पर कृषक हितों एवं विभागीय सेवाओं की गुणवत्ता से जुड़ी है। ऐसे में वित्तीय प्रबंधन, अभिलेखीय व्यवस्था तथा संस्थागत जवाबदेही को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने समिति को निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


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