हार्ट अटैक से हुई मौत को बना दिया एक्सीडेंट
बीमा हड़पने के बड़े खेल का भंडाफोड़,कार चालक और मृतक के चाचा आपस में निकले रिश्तेदार
मुजफ्फरनगर। बीमा कंपनियों से मोटा क्लेम ऐंठने के लिए रची गई एक सनसनीखेज और शातिर साजिश का मुजफ्फरनगर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। प्राकृतिक रूप से हार्ट अटैक से मरे एक युवक की मौत को सड़क दुर्घटना दिखाकर फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इस खौफनाक खेल का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मुकदमा लिखने वाले वादी और कार चालक के खिलाफ ही न्यायालय में कड़ी विधिक कार्रवाई (अंतिम रिपोर्ट) प्रेषित कर दी है।
सरधना क्षेत्र के अतरैडा निवासी विनोद कुमार ने अपने सगे भतीजे रोहित (पुत्र सोम, निवासी कुशावली, थाना सरधना) की मौत के संबंध में थाना सिविल लाइंस, मुजफ्फरनगर में एक मुकदमा दर्ज कराया था। विनोद कुमार का आरोप था कि उसके भतीजे रोहित की मौत एक कार (नंबर UP 12 BU 7060) की टक्कर से हुई है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर कार चालक के खिलाफ के तहत मामला पंजीकृत कर जांच शुरू की थी।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने खोला राज
जब पुलिस ने मामले की गहराई से तफ्तीश की, तो परतें खुलती चली गईं। एक्सीडेंट का दावा करने वाले वादी विनोद कुमार और जिस कार से एक्सीडेंट दिखाया गया था उसका चालक अंकित कुमार, आपस में करीबी रिश्तेदार निकले। दोनों ने मिलकर मोटी बीमा राशि (इंश्योरेंस क्लेम) हड़पने के उद्देश्य से यह पूरी झूठी कहानी गढ़ी थी। पुलिस जांच के दौरान जब मृतक रोहित की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई, तो डॉक्टर ने उसकी मृत्यु का कारण 'हार्ट अटैक' (दिल का दौरा) बताया था। रोहित की मौत बीमारी से हुई थी, लेकिन आरोपियों ने मिलीभगत कर उसे सड़क हादसे का रूप दे दिया ताकि कोर्ट-कचहरी के जरिए भारी-भरकम क्लेम हासिल किया जा सके।
साजिशकर्ताओं पर ही घूमा पुलिस का डंडा, कोर्ट भेजी रिपोर्ट
फर्जी एक्सीडेंट और झूठे मुकदमे का सच सामने आते ही पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया। इस फर्जी बीमा क्लेम लेने की साजिश के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट (FR) लगा दी है। इसके साथ ही, पुलिस को गुमराह करने और फर्जीवाड़ा रचने के आरोप में वादी एवं उसके साथियों के विरुद्ध BNS की धारा 217 (पूर्ववर्ती धारा 182 IPC) के तहत कानूनी कार्रवाई करते हुए न्यायालय को अपनी रिपोर्ट प्रेषित कर दी है। पुलिस की इस मुस्तैदी से बीमा हड़पने वाले गिरोह के मंसूबों पर पानी फिर गया।


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