एसटीएफ ने खनन की फर्जी रायल्टी बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश
अंतरराज्यीय गिरोह के चार बदमाशों को पकड़ा
गिरोह अब तक लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान कर चुका
-आरोपियों के पास से लैपटॉप, कार और आठ मोबाइल बरामद किए
मेरठ। खनन की फर्जी रायल्टी बनाकर सरकार को राजस्व का चूना लगाने वाले गिरोह के चार बदमाशों को एसटीएफ मेरठ यूनिट ने बागपत से गिरफ्तार किया है। आरोपियों से एसटीएफ ने आठ मोबाइल, कार और लैपटॉप बरामद किया है। फरार दो आरोपियों की तलाश में टीम लगी है। आरोपियों के खिलाफ बागपत कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसटीएफ मेरठ यूनिट के एसपी बृजेश कुमार सिंह बताया, काफी दिनों से सूचना मिल रही थी कि बागपत जिले में खनन की फर्जी रायल्टी बनाकर खनन दूसरे राज्यों में खनन सप्लाई करने वाला गिरोह सक्रिय है। टीम आरोपियों की तलाश में बागपत जिले में लगातार भ्रमण कर रही थी। मंगलवार को टीम को सूचना मिली थी कि खनन की असली रायल्टी में परिवर्तन कर कूटरचित तरीके से फर्जी रॉयल्टी तैयार करने वाले गिरोह के चार बदमाश इण्डियन नर्सिंग होम, निवाड़ा गांव के पास खड़े है। उन्होंने बताया, बागपत कोतवाली पुलिस को साथ लेकर इण्डियन नर्सिंग होम के पास गिरोह के चार बदमाश नईम, तालिब, फिरोज निवासीगण निवाड़ा गांव जिला बागपत और आरिफ निवासी मोहल्ला बुढढापीर, सिवालखास थाना जानी जिला मेरठ को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से टीम ने आठ मोबाइल, वैगनआर कार, लैपटॉप और नकदी बरामद की। चारों के खिलाफ बागपत कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसपी बृजेश कुमार सिंह ने बताया, आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि खनन की असली रॉयलटी राहुल उर्फ राजा व आशुतोष वाट्सएप पर भेजते है। राहुल व आशुतोष ही आईएसटीपी भेजते है, जिनका किसी अन्य विभाग में प्रयोग न हुआ हो। संभल, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद जिले के पीडब्ल्यूडी व नगर निगम क्लर्क के सहयोग से असली रायल्टी पर तिथि आदि परिवर्तन कर फर्जी रायल्टी तैयार कर वापस भेज देते है। इसके एवज में पीडब्ल्यूडी विभाग के क्लर्क ठेकेदार से एक क्यूबिक मीटर खनन पर 20 रुपये के हिसाब से पैसा देते है पकड़े गए लोग 15 रुपये एक क्यूबिक मीटर के हिसाब से राहुल उर्फ राजा व आशुतोष को देते है। इस तरह यह गिरोह कूटरचित तरीके से तैयार कर पीडब्ल्यूडी व नगर निगम के विभिन्न जनपदों के क्लर्क एवं ठेकेदारों को उपलब्ध कराते है, जिससे राज्य सरकार को लाखों रुपये के राजस्व की हानि हो रही थी। यह गिरोह दस साल से इस अवैध कारोबार को कर रहा। गिरोह के बाकी सदस्यों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


No comments:
Post a Comment