जयन्त चौधरी ने पाँच नई सोलर कम्युनिटी हब स्किल वैन को हरी झंडी दिखाई
मेरठ। भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने पांच नई सोलर कम्युनिटी हब स्किल वैन को हरी झंडी दिखाई। यह पूरे भारत में डिजिटल पहुंच और फ्यूचर-रेडी स्किलिंग का विस्तार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
डेल टेक्नोलॉजीज ने राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के सहयोग से इसे विकसित किया है और लर्निंग लिंक्स फाउंडेशन द्वारा इसे लागू किया गया है। यह पहल डिजिटल डिवाइड को कम करने के लिए डेल के सबसे महत्वाकांक्षी वैश्विक प्रयासों में से एक के अगले चरण का प्रतिनिधित्व करती है। ये स्किल वैन उत्तर प्रदेश, दिल्ली/एनसीआर, कर्नाटक, तेलंगाना और महाराष्ट्र के समुदायों तक पहुंचेगी और युवाओं, महिलाओं और जरूरतमंद लोगों तक सीधे सोलर-पावर्ड टेक्नोलॉजी, एआई-आधारित लर्निंग और रोजगार के अवसर पहुँचाएँगी। भारत सरकार के माननीय कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा, “सोलर कम्युनिटी हब स्किल वैन, भारत के हर कोने तक टेक्नोलॉजी और अवसर पहुँचाने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। ये स्किल वैन सिर्फ़ डिजिटल स्पेस नहीं हैं बल्कि ये एस्पिरेशन के सेंटर हैं जो क्लीन एनर्जी, एआई-इनेबल्ड लर्निंग और इंडस्ट्री-अलाइन्ड स्किलिंग को मिलाकर युवाओं को उभरते मौकों के लिए तैयार करते हैं। मैं इस सहयोगात्मक प्रयास के लिए डेल टेक्नोलॉजीज और एनएसडीसी को बधाई देता हूँ और उम्मीद करता हूँ कि ये हब कम्युनिटी को सशक्त बनाएँगे और समावेशी विकास तथा फ्यूचर-रेडी वर्कफोर्स की दिशा में भारत के सफ़र को मजबूत करेंगे।” डेल टेक्नोलॉजीज इंडिया के प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष गुप्ता ने कहा, "डेल टेक्नोलॉजीज भारत के समावेशी और टेक्नोलॉजी-आधारित विकास के विज़न के प्रति प्रतिबद्ध है। सोलर कम्युनिटी हब स्किल वैन इस बात का सुबूत हैं कि जब सरकार, इंडस्ट्री और कम्युनिटी एक साझा मिशन के लिए एकजुट होते हैं तो क्या संभव हो सकता है। ये स्किल वैन सीखने वालों और काम करने वालों की एक नई पीढ़ी को उनके अपने ही समुदाय में भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करेंगी।" यह विस्तार बुनियादी डिजिटल साक्षरता से कहीं आगे है। ये स्किल वैन कस्टमाइज़्ड स्किलिंग मॉड्यूल और स्ट्रक्चर एम्प्लॉयबिलिटी पाथवे उपलब्ध करती हैं, जो 50 से ज़्यादा वोकेशनल, हायर एजुकेशन और कम्युनिटी संस्थानों को टेक्नोलॉजी-आधारित सहायता देती हैं। प्रत्येक यूनिट रिन्यूएबल एनर्जी द्वारा संचालित होती है और इसमें लैपटॉप, इंटरैक्टिव स्क्रीन, इंटरनेट कनेक्टिविटी और एआई-इनेबल्ड लर्निंग टूल्स लगे हैं। इसे विशेष रूप से उन समुदायों तक पहुँचने के लिए बनाया गया है जहाँ वे रहते हैं, न कि वहाँ जहाँ पहले से इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है।


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