बिना मानक के कैसे चल रहे थी कोचिंग सैंटर
ऐसे में कोई हादसा हो जाए तो कौन जिम्मेदार होगा
मेरठ। लखनऊ में कोचिंग सैंटर में आग से 15 मासूम छात्रों की मौत के बाद प्रदेश भर में सीएम योगी आदित्यनाथ के बाद कोचिंग सैंटरों की जा रही जांच में घाेर अनियमितता निकल कर सामने आई है। शहर में नामी गिरामी कोचिंग सैंटर की छात्रों के जीवन ने खिलवाड़ करते हुए नगर आए । सवाल यह उठता है कि बिना मानकों के कैसे शहर के अंदर कोंचिंग सैंटर चल रहे थे।
लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद प्रशासन ने जिले में संचालित कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी और कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था, वैधता तथा संचालन मानकों की जांच के लिए अभियान छेड़ दिया है। अब तक 14 कोचिंग संस्थानों को पूरी तरह सील कर दिया गया है जबकि दर्जनों अन्य संस्थानों को गंभीर खामियों पर नोटिस जारी किए गए हैं। कई संस्थानों का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया है और कुछ संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जब तक अग्निशमन व अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं पूर्ण नहीं हो जातीं तब तक वे संस्थान का संचालन नहीं कर सकेंगे।दो कोचिंग सैंटर तो ऐसे मिले जहां बोर्ड तो कोचिंग सैंटर लगा हुआ थाा लेकिन वहां कॉल सेंटर चल रहे थे।
जिलाधिकारी डी.एम डॉ. वीके सिंह के कड़े निर्देशों पर कई विभागों की संयुक्त टीमों द्वारा की गई इस औचक कार्रवाई से कोचिंग संचालकों में पूरे दिन खलबली मची रही। शहर के प्रमुख कोचिंग हब माने जाने वाले बच्चा पार्क, पीएल शर्मा रोड, गढ़ रोड, पल्लवपुरम, मोदीपुरम, टीपी नगर, बागपत रोड, हापुड़ रोड और हस्तिनापुर क्षेत्र में अधिकारियों ने दिनभर गहन निरीक्षण किया। जांच टीमों ने विशेष रूप से भवनों की सुरक्षा, अग्निशमन उपकरण (फायर सेफ्टी), विद्युत सुरक्षा, आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट), पार्किंग व्यवस्था, छात्र क्षमता व अन्य आवश्यक प्रशासनिक मानकों को परखा। जांच के दौरान बड़ी संख्या में संस्थान निर्धारित सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह फेल साबित हुए।
शिक्षा विभाग की जांच की आंच में आए ये संस्थान
कार्रवाई के दौरान शिक्षा विभाग की टीम ने स्टार प्लाजा स्थित कई बड़े संस्थानों का रुख किया। यहां टीम ने सिविल कोचिंग एकेडमी, चाणक्य आईएएस एकेडमी, द कैड क्लासेज, सनराइज कंप्यूटर इंस्टीट्यूट, लोजिक इंस्टीट्यूट, महेंद्र एजुकेशन, राना क्लासेज, पैरामाउंट कोचिंग सेंटर और मलिक स्टेनो सेंटर का बारीकी से निरीक्षण किया। इन संस्थानों में दस्तावेज और सुरक्षा संबंधी कई गंभीर कमियां पाई गईं जिस पर टीम ने नोटिस जारी कर व्यवस्थाओं में सुधार करने के कड़े निर्देश दिए।
मेडा के सचिव अर्पित गुप्ता ने बताया कि प्राधिकरण की टीम ने शिवाजी रोड, पल्लवपुरम और मोदीपुरम क्षेत्र में छापा मारा। जांच में सामने आया कि कई कोचिंग संस्थान बिना स्वीकृत मानचित्र, बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति तथा निर्धारित विकास मानकों की सरेआम अनदेखी कर संचालित किए जा रहे थे।
इसके बाद मेडा ने 14 संस्थानों को सील कर दिया। गुप्ता क्लासेज, एकलव्य और लक्ष्य एकेडमी में कार्रवाई के दौरान क्लास चल रही थी। इस पर टीम ने सभी छात्रों को बाहर निकालकर कोचिंग को सील कर दिया। सभी संस्थानों का ऑनलाइन क्लास चलाने को कहा गया है।
इन्हें किया गया सील
गुप्ता क्लासेज
लक्ष्य आईएएस
मेंथ कोचिंग सेंटर
एफईएटी दि करियर इंस्टीट्यूट
गुरुजी कंप्यूटर कोचिंग सेंटर
एकेएस ग्रुप एजुकेशन
गौरव एजुकेशन
विद्या विजन कोचिंग सेंटर
विलियंट ब्रिज कोचिंग सेंटर
आकाश कोचिंग सेंटर
फिजिक्स वाला विद्यापीठ
सारथी क्लासेज
केडी क्लासेज
गढ़ रोड और पल्लवपुरम में विशेष जांच, कई जगह लटके मिले ताले
प्रशासनिक टीमों ने गढ़ रोड स्थित आदित्य प्लाजा और आदित्य पैलेस में संचालित एमआईआईसीटी, यूथ कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर, एमआईडीई कंप्यूटर इंस्टीट्यूट, वेबटॉप सॉल्यूशन और क्वांटम लाइब्रेरी समेत कई संस्थानों के रिकॉर्ड और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की। वहीं पल्लवपुरम क्षेत्र में विद्या विजन सेंटर, आकाश इंस्टीट्यूट, टारगेट लाइब्रेरी, राणा लाइब्रेरी, शारदा लाइब्रेरी और महादेव लाइब्रेरी का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान कुछ संस्थानों की दीवारों पर सीधे नोटिस चस्पा किए गए जबकि कई संचालक टीम के आने की भनक लगते ही संस्थान बंद कर भाग गए जो निरीक्षण के दौरान बंद मिले।
अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था अधूरी
फायर ब्रिगेड की टीम को हापुड़ रोड स्थित लैंडमार्क क्लासेज एंड अल-इल्म लाइब्रेरी, वैक्टर इंस्टीट्यूट व अजवाई इंस्टीट्यूट में अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह अधूरी मिली। इस पर निरीक्षण टीम ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ निर्देश दिए कि जब तक फायर सेफ्टी मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित नहीं होगा तब तक इन संस्थानों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।




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