रिश्वत लेकर महिला कांस्टेबल का फर्जी मेडिकल सर्टिपिकेट बनाने वाला AIMIIM नेता गिरफ्तार
मेरठ। पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के स्थानीय नेता और लोटस अस्पताल के संचालक जुबैर त्यागी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि जुबैर त्यागी ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेकर एक महिला कांस्टेबल का तीन महीने की फर्जी बीमारी का मेडिकल सर्टिफिकेट तैयार किया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी जुबैर त्यागी, महिला कांस्टेबल आरिफा और दो अन्य लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था, जिसके बाद से ही पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी।
जानकारी के मुताबिक, मेरठ पुलिस महकमे में तैनात महिला कांस्टेबल आरिफा बिना किसी आधिकारिक सूचना या अनुमति के पिछले तीन महीने से ड्यूटी से गायब चल रही थी। इस गैर-हाजिर अवधि के दौरान आरिफा ने विभाग से अपना पूरा वेतन भी उठा लिया। विभागीय कार्रवाई और जांच से बचने के लिए आरिफा ने लोटस अस्पताल के संचालक जुबैर त्यागी से संपर्क साधा। जुबैर त्यागी ने 20 हजार रुपये के बदले आरिफा को तीन महीने बीमार रहने का फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट थमा दिया। शातिर आरोपी ने इस सर्टिफिकेट पर डॉक्टर अभिमन्यु त्यागी की फर्जी मुहर और हस्ताक्षर का भी इस्तेमाल किया था।
मुकदमा दर्ज होने के बाद से फरार चल रही महिला कांस्टेबल
जांच के दौरान जब मेडिकल सर्टिफिकेट का सत्यापन कराया गया, तो अस्पताल की यह बड़ी धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आ गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल महिला कांस्टेबल आरिफा, अस्पताल संचालक जुबैर त्यागी और दो अन्य सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया।
मामला दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी महिला कांस्टेबल आरिफा मौके से फरार हो गई, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। वहीं, मुख्य आरोपी जुबैर त्यागी को पुलिस ने दबोच लिया है और उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। पुलिस अस्पताल के अन्य रिकॉर्ड्स की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस तरह के और कितने फर्जी सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं।


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