राममंदिर चढ़ाव चोरी मामले में सभी 8 आराेपियों के ठिकाने पर पुलिस की एक साथ रेड 

 एफआईआर दर्ज होने के बाद पहली बड़ी कार्रवाई , आरोपियों के घरों पर मिले ताले 

 अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में यूपी पुलिस का एक्‍शन और तेज हो गया है। टिन्‍नू यादव समेत सभी 8 आरोपियों के घरों पर आज छापेमारी हो रही है।  सभी आरोपियों के घर एक साथ छापेमारी हो रही है। चंदा चोरी मामले में आरोपियों के घर से लगभग 79 लाख 85 हजार रुपये भी पुलिस ने बरामद कर लिये हैं। श्री राम जन्‍मभूमि मंदिर ट्रस्‍ट के कोषाध्‍यक्ष गोविंदानंद सरस्वती भी आज एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करने वाले हैं। प्रेस  कॉन्‍फ्रेंस में वह चंदा/धन अनियमितता मुद्दे पर अपना पक्ष रखेंगे।

राम मंदिर दान चोरी मामले में पकड़े गए सभी आठ आरोपियों के यहां अयोध्या पुलिस की छापेमारी चल रही है। इस दौरान पुलिस आरोपियों के घरवालों के बयान दर्ज करेगी। प्रॉपर्टियों की जांच और घर में मिले दस्तावेजों की जांच होगी। यूपी पुलिस इस मामले में कोई चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहती है। बताया जा रहा है कि रामशंकर यादव उर्फ टिन्‍नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और कमलेश पांडे के घरों पर इस समय अयोध्‍या पुलिस मौजूद है।

ट्रस्ट  में बड़े बदलाव की तैयारी

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सभी सदस्यों से ट्रस्ट में बदलाव के लिए सुझाव मांगे गए हैं। 11 जुलाई को अयोध्या में होने वाली ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और डा.अनिल मिश्रा के इस्तीफे की मंजूरी के साथ ट्रस्ट में बदलाव पर भी फैसला लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट का पूरा ढांचा बदलने की तैयारी है. इसमें सचिव और सीईओ की नियुक्ति के साथ चार्टड एकाउंटेंट, पूर्व बैंक अधिकारियों, मैनेजमेंट ग्रेजुएट जैसे प्रफेशनल्स को ही चढ़ावे की गिनती, मैनेजमेंट और हिसाब किताब का जिम्मा देने की तैयारी है।

एसआईटी की जांच में कई खामियां 

अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गबन का मामला गहराता जा रहा है. विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक जांच में चढ़ावे के प्रबंधन में कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है, जिसके बाद नकदी और बहुमूल्य चढ़ावे की गणना से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. अब तक की जांच के अनुसार, चढ़ावे की राशि किस तरह निकाली गई और कुल कितनी रकम का गबन हुआ, इसकी जांच अभी जारी है. हालांकि, एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में चढ़ावे की व्यवस्था से जुड़ी कई बड़ी खामियों की ओर संकेत किया है.

टिन्नू यादव के पास कई ‘हुंडियों' की चाबियां 

सूत्रों ने बताया कि रिपोर्ट के अनुसार नकदी की गिनती के दौरान सुरक्षा गार्ड की तैनाती, गिनती कक्ष में प्रवेश और बाहर निकलने वाले कर्मचारियों की तलाशी तथा चढ़ावे की गिनती से संबंधित सीसीटीवी फुटेज को 180 दिन तक सुरक्षित रखने जैसी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि नियमों के विपरीत श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के पूर्व चालक रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के पास कई ‘हुंडियों' (दानपात्रों) की चाबियां थीं। एक सूत्र ने कहा, 'मंदिर में कई हुंडियां थीं। जिन हुंडियों की चाबियां टिन्नू यादव के पास थीं, उनमें आए चढ़ावे की नकदी एसओपी के पालन में ढिलाई के कारण कथित रूप से निकाल ली गई। गबन के सटीक तरीके का अभी पता लगाया जा रहा है।'

एसआईटी ने एक और गंभीर अनियमितता यह पाई कि चढ़ावे की गिनती से संबंधित सीसीटीवी फुटेज को निर्धारित 180 दिनों के बजाय केवल 45 दिनों तक ही सुरक्षित रखा गया। एसआईटी रिपोर्ट के अनुसार, चढ़ावे की गिनती के प्रभारी और आरोपी सुभाष श्रीवास्तव की नियुक्ति ट्रस्ट के शीर्ष तीन पदाधिकारियों में से एक की सिफारिश पर की गई थी। यह विवाद सात जून को उस समय शुरू हुआ था, जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर में चढ़ावे के गबन का आरोप लगाया था। हालांकि, चंपत राय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि 'आंतरिक लेखा परीक्षण के दौरान कोई उल्लेखनीय अनियमितता सामने नहीं आई है।'

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