मुकीम काला गैंग का ₹50 हजारी का इनामी बदमाश महताब उर्फ बेचैन ढेर, दरोगा घायल

कांधला के खंदरावली जंगल में 12 किलोमीटर पीछा कर पुलिस ने घेरा; बदमाशों की 12 गोलियों के जवाब में पुलिस ने दागीं 3 गोलियां

शामली । शामली जिले में शुक्रवार तड़के पुलिस और शातिर अपराधियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी और कुख्यात मुकीम उर्फ काला गैंग का सक्रिय सदस्य महताब उर्फ बेचैन पुलिस की जवाबी फायरिंग में मारा गया। इस दौरान बदमाशों की ओर से की गई ताबड़तोड़ फायरिंग में पुलिस के एक उपनिरीक्षक (दरोगा) दीपचंद भी हाथ में गोली लगने से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मारे गए बदमाश के पास से इटली निर्मित अत्याधुनिक हथियार बरामद हुए हैं।

मुठभेड़ की शुरुआत शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे हुई। बाबरी थाना क्षेत्र के गांव हाथी करौदा निवासी नरेंद्र अपने भाई नरेशपाल के साथ बाइक से आदर्श मंडी क्षेत्र के गांव जलालपुर स्थित खेतों में पानी लगाने जा रहे थे। मुजफ्फरनगर हाईवे पर जलालपुर कट के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने उन्हें तमंचा दिखाकर रोक लिया और भाइयों से बाइक की चाबी, मोबाइल फोन व नकदी लूट ली। विरोध करने पर बदमाश हवाई फायरिंग करते हुए भाग निकले। पीड़ितों की सूचना पर पुलिस ने तत्काल वायरलेस सेट पर मैसेज फ्लैश किया और चारों तरफ घेराबंदी शुरू कर दी।

12 किलोमीटर पीछा कर घेरा, बदमाशों ने चलाईं 12 गोलियां

लूट की वारदात को अंजाम देकर बदमाश करीब 12 किलोमीटर दूर कांधला थाना क्षेत्र में खंदरावली पुलिया के पास एक नलकूप (ट्यूबरैल) पर जा पहुंचे। इसी बीच पीछा कर रही कांधला और आदर्श मंडी पुलिस की टीमों ने उन्हें घेर लिया। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पर चौतरफा फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों की तरफ से करीब 12 से ज्यादा राउंड गोलियां चलाई गईं, जिसमें दरोगा दीपचंद घायल हो गए। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी

कार्रवाई करते हुए मात्र 3 राउंड गोलियां चलाईं, जिसमें से एक गोली सीधे महताब के सीने में जा लगी और वह वहीं ढेर हो गया, जबकि उसका दूसरा साथी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया।

विदेशी कारबाइन और 9MM पिस्टल बरामद

मुठभेड़ के बाद घटनास्थल की सर्चिंग के दौरान पुलिस के होश उड़ गए। मारे गए बदमाश महताब के पास से पुलिस को एक देसी कारबाइन, छह कारतूस व आठ खोखा के साथ 'मेड इन इटली' लिखी 9 एमएम की एक विदेशी पिस्टल बरामद हुई। एसपी एनपी सिंह ने बताया कि शामली के अपराधी वारदातों में कारबाइन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे पहले झिंझाना में मारे गए मिथुन बावरिया से भी ऐसी ही इटली निर्मित कारबाइन और पिस्टल मिली थी।

दर्ज थे 47 मुकदमे, दिल्ली-हरियाणा तक फैला था नेटवर्क

एसपी ने बताया कि महताब कैराना थाने का हिस्ट्रीशीटर (एचएस नंबर- 349 ए) था और उस पर लूट, डकैती, हत्या व रंगदारी के करीब 47 मामले दर्ज थे। वह हाल ही में थानाभवन शुगर मिल के सहायक प्रबंधक अरविंद कुमार से लूट और हरियाणा की महिला आरक्षी ज्योति मलिक से कुंडल व अंगूठी लूटने के मामले में वांछित चल रहा था। डीआईजी स्तर से उस पर 50 हजार का इनाम था। वह यूपी के अलावा दिल्ली और हरियाणा (पानीपत) के बदमाशों के साथ मिलकर इंटरस्टेट गैंग चला रहा था। शुक्रवार देर रात उसे कैराना के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।

25 साल पहले की थी मासूम की हत्या, पीड़ित पिता बोले- 'अब मिला न्याय'

महताब के मारे जाने के बाद एक भावुक पहलू भी सामने आया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, 25 साल पहले मोहल्ला शेखबद्दा निवासी रहीसुद्दीन पहलवान के 12 वर्षीय पुत्र आरिफ का अपहरण कर जगनपुर रोड पर एक ट्यूबवेल पर गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में महताब का नाम आया था, लेकिन तब वह नाबालिग था और मामला जुवेनाइल कोर्ट में लंबा खिंच गया। अब करीब 25 साल बाद महताब के एनकाउंटर की खबर सुनकर मृतक बच्चे के पिता रहीसुद्दीन पहलवान भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि इतने वर्षों बाद आज उनके मासूम बेटे की आत्मा को शांति मिली है और उन्हें न्याय मिला है। उन्होंने पुलिस प्रशासन का आभार जताया।


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