प्रयागराज के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के दानपात्र में निकले 500, 200 और 100 के नकली नोट
बाजार में 'फेक करेंसी' खपाने की आशंका से केंद्रीय एजेंसियां अलर्ट
बैंक में जमा करने के दौरान पकड़ी गई हेराफेरी
प्रयागराज। संगम नगरी प्रयागराज के सुप्रसिद्ध लेटे हुए हनुमान मंदिर के दानपात्र में नकली नोट मिलने का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मंदिर के दानपात्र से निकले चढ़ावे की रकम में 500, 200 और 100 रुपये के कुल 9 नकली नोट बरामद हुए हैं। इस खुलासे के बाद न केवल मंदिर प्रशासन सख्ते में है, बल्कि देश की प्रमुख केंद्रीय जांच एजेंसियों और खुफिया विभागों ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए अपनी तफ्तीश शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हनुमान मंदिर के दानपात्र में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाया गया पैसा जब रूटीन प्रक्रिया के तहत बैंक में जमा करने के लिए भेजा गया, तब इस गड़बड़ी का पता चला। बैंक कर्मियों ने जब नोटों को काउंटिंग मशीन में डाला, तो मशीन ने संदिग्ध नोटों को अलग कर दिया। कड़े वित्तीय मिलान और जांच के बाद बैंक अधिकारियों ने पुष्टि की कि चढ़ावे में आए 500 रुपये, 200 रुपये और 100 रुपये के कुल 9 नोट पूरी तरह से जाली हैं। बैंक द्वारा तुरंत इसकी सूचना मंदिर प्रबंधन और स्थानीय पुलिस को दी गई। कोई भी सच्चा भक्त भगवान के दरबार में जानबूझकर जाली नोट नहीं चढ़ाएगा। पूरी आशंका है कि ये नोट अनजाने में किसी ऐसे श्रद्धालु के हाथ से चढ़ गए हैं, जिसके पास बाजार से लेनदेन के दौरान यह जाली करेंसी आई होगी। यह सीधे तौर पर इस बात का संकेत है कि प्रयागराज के स्थानीय बाजारों में नकली नोटों का कोई बड़ा सिंडिकेट सक्रिय हो चुका है।
प्रयागराज के बाजारों में 'फेक करेंसी' का जाल?
इस घटना ने सुरक्षा और वित्तीय एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि राष्ट्रविरोधी तत्व या जाली नोटों के तस्करों ने प्रयागराज और आस-पास के जिलों के बाजारों में नकली नोटों की एक बड़ी खेप खपा दी है। चूंकि आम लोग छोटे नोटों (जैसे 100 और 200 रुपये) की प्रामाणिकता की जांच अक्सर नहीं करते, इसलिए जालसाज इसे आसानी से बाजार में घुमा रहे हैं।
केंद्रीय एजेंसियों ने संभाली कमान
धार्मिक स्थल के दानपात्र का इस्तेमाल होने और नोटों की बनावट को देखते हुए केंद्रीय जांच एजेंसियों ने इस मामले में दखल दिया है। एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि इन नकली नोटों का सोर्स (उद्गम स्थल) क्या है और इन्हें छापने के लिए किस दर्जे के कागज और स्याही का इस्तेमाल हुआ है। क्या इसके पीछे सीमा पार से संचालित होने वाला कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है। मंदिर परिसर और उसके आस-पास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि पिछले कुछ दिनों में दानपात्र के पास संदिग्ध रूप से घूमने वाले लोगों की पहचान की जा सके।


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