नीट यूजी  2026 री-एग्जाम से पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की हाई लेवल बैठक

  बैठक में अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

नयी दिल्ली। नीट यूजी 2026 री-एग्जाम को लेकर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पूरी तरह सतर्क नजर आ रहे हैं। 21 जून को आयोजित होने वाली परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को एक हाई लेवल बैठक की अध्यक्षता की।  बैठक में शिक्षा मंत्रालय, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए), राज्य सरकारों और उच्च शिक्षा संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। 

 इस दौरान परीक्षा की पारदर्शिता, सुरक्षा व्यवस्था, स्टूडेंट्स की सुविधाओं और एजेंसियों के बीच समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि परीक्षा का आयोजन पूरी तरह निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से सुनिश्चित किया जाए, ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। 

छात्रों की सुविधाओं पर विशेष जोर

बैठक में इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि परीक्षार्थियों को तनावमुक्त माहौल में परीक्षा देने का अवसर मिले। शिक्षा मंत्री ने राज्य सरकारों के नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया कि एग्जाम सेंटर्स पर स्टूडेंट्स के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मंत्रालय द्वारा नियुक्त अधिकारी अलग-अलग राज्यों में जाकर व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे और अपनी रिपोर्ट एनटीए के कमांड सेंटर को भेजेंगे।

एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की तैयारी

स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, पीने का पानी और अन्य जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए। वहीं, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी ने कहा कि परीक्षा तक का समय बेहद महत्वपूर्ण है और सभी एजेंसियों को तय दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा।

सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था रहेगी मजबूत

एनटीए के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने बताया कि एजेंसी जिला स्तरीय समितियों, राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है। इसका उद्देश्य री-एग्जाम को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और बिना किसी व्यवधान के संपन्न कराना है। हाइब्रिड मोड में आयोजित इस बैठक में 222 अधिकारियों और शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बता दें कि पेपर लीक के आरोपों के बाद नीट परीक्षा रद्द कर दी गई थी, जिसके बाद 21 जून को री-एग्जाम कराने का फैसला लिया गया। 

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