नगर निगम शहर में में 20 ईवी चार्जिग स्टेशन स्थापित करेगा
नगर निगम ने जगह चिह्नित करने की कार्रवाई शुरू की
5 बैटरी स्वैपिंग स्टेशन भी पीपीपी मॉडल पर बनेंगे
शहर में ई-बसों की संख्या 400 तक बढ़ाई जाएगी
मेरठ। नगर निगम 2027 तक शहर में 20 ईवी चार्जिंग और पांच बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित करेगा। यह कदम बढ़ते वाहनों के प्रदूषण को रोकने और चार्जिंग की समस्याओं का हल करने के लिए उठाया गया है। यह व्यवस्था पीपीपी मॉडल पर संचालित होगी। चयनित कंपनी अपने खर्च पर चार्जिंग स्टेशन लगाएंगी। निगम सिर्फ जमीन मुहैया कराएगा।शासन के निर्देश पर नगर निगम ने ईवी चार्जिंग स्टेशन के लिए जगह चिह्नित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी सप्ताह शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने इस कार्य योजना को मूर्त रूप देने के लिए सहायक नगर आयुक्त व संपत्ति अनुभाग की वरिष्ठ प्रभारी तनुजा निगम को जगह चिह्लित करने की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने जगह का सर्वे शुरू कर दिया है। निर्माण अनुभाग के अधिशासी अभियंता शिरीष सिंह को नोडल बनाया गया है।
नगरायुक्त सौरभ गंगवार ने बताया कि जगह चिह्नित करते वक्त यह ध्यान रखना है कि बिजली उपकेंद्र आसपास हो ताकि चार्जिंग स्टेशन तक ज्यादा लंबी लाइन न डालनी पड़े। आसपास ढाबे, होटल या रेस्टोरेंट, खानपान की दुकानें या बाजार हों। ताकि इलेक्ट्रिक वाहन की चार्जिंग में लगने वाले आधे घंटे से डेढ़ घंटे तक का समय लोग उपयोग कर सकें। शहर के अंदर मुख्य मार्ग किनारे जगह चिह्नित करनी है। उन्होंने बताया कि दिल्ली रोड, बिजली बंबा बाईपास रोड, गढ़ रोड, हापुड़ रोड, मवाना रोड, बागपत रोड, रुड़की रोड, सरधना रोड सहित साकेत, सिविल लाइंस में जगह प्राथमिकता में देखी जानी है। नगर आयुक्त ने तीन से चार दिन में जगह चिह्नित कर इसी सप्ताह शासन को प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया है। स्वीकृति मिलते ही टेंडर निकाले जाएंगे। चार्जिंग स्टेशन पर लोग इलेक्ट्रिक कार की चार्जिंग कर सकेंगे।
नगर निगम के मुख्य अभियंता प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण और गतिशीलता नीति 2022 के तहत राज्य सरकार ने प्रदेश में चार्जिंग और स्वैपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए निर्देश जारी किए हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों की सुगम आवाजाही के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा।
इसके तहत हर एक जिले में कम से कम 20 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन और पांच बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित करना अनिवार्य किया गया है। साल 2027 तक चार्जिंग नेटवर्क का जाल बिछाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में कुल 1500 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन और 375 बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित होंगे। जिसमें से मेरठ शहर में 20 ईवी चार्जिंग स्टेशन और पांच बैटरी स्वैपिंग स्टेशन तैयार किए जाएंगे।
केंद्र सरकार की ये है गाइड लाइन
-शहर में हर तीन किलोमीटर के दायरे में कम से कम एक चार्जिंग स्टेशन बनाना है।
-एक्सप्रेस-वे और हाइवे पर हर 25 किलोमीटर की दूरी पर चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
-कमर्शियल और भारी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए हर 100 किलोमीटर पर एक विशेष चार्जिंग स्टेशन अनिवार्य है।
ई-बसों की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य तय
शासन से ई बसों की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य तय कर दिया गया है। अभी 50 ई-बसों का संचालन किया जा रहा है। शहर में कुल 400 ई बसों की जरूरत आंकी गई है। 350 ई-बसों को गैप पूरा किया जाएगा। प्रथम चरण में 100 ई बसें और बढ़ाई जा सकती हैं। इसके लिए नया ई-बस डिपो बनाने का प्रस्ताव भी तैयार होगा। इसके लिए भी जमीन चिह्नित की जाएगी।


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