फिल्टर टेस्ट में फेल मेरठ में  महिला थाने के 19 कर्मियों का तबादला

सोती रही पुलिसकर्मी, क्राइम रजिस्टर ले गए जिले के कप्तान 

मेरठ। मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडेय के औचक निरीक्षण में महिला थाना पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। एसएसपी ने ट्रैक सूट में महिला थाने पहुंचकर पुलिसकर्मियों की सतर्कता परखने के लिए विशेष फिल्टर टेस्ट किया। इस दौरान थाना परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की गंभीर लापरवाही उजागर हुई। एक महिला पुलिस कर्मी डयूटी के दौरान सोती मिली। इस दौरान थाने से क्राइम रजिस्टर को अपने साथ ले गये। एसएसपी कार्रवाई करते हुए थाने की 19 पुलिस कर्मियों का स्थानान्तरण कर दिया है। जिसको लेकर महिला थाने में हड़कंप मचा हुआ है। 

 दरअसल  सुबह भ्रमण के दौरान एसएसपी अचानक महिला थाने पहुंच गए। थाने के मुख्य गेट और परिसर में कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं मिला। कार्यालय में पहुंचने पर एक महिला सिपाही कुर्सी पर बैठी हुई सोती मिली। एसएसपी के कार्यालय में प्रवेश करने और वहां मौजूद महत्वपूर्ण दस्तावेज देखने तक किसी पुलिसकर्मी को इसकी भनक नहीं लगी। निरीक्षण के दौरान एसएसपी कार्यालय में रखा थाना का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज ‘क्राइम रजिस्टर’ अपने साथ ले गए। इसके बावजूद थाने में मौजूद किसी भी पुलिसकर्मी को इसकी जानकारी नहीं हुई।

बाद में एसएसपी ने महिला थाना प्रभारी सीता सिंह से अपराध रजिस्टर प्रस्तुत करने को कहा। इसके बाद थाना पुलिस में हड़कंप मच गया और पुलिसकर्मी रजिस्टर की तलाश में जुट गए। काफी देर खोजबीन के बाद भी रजिस्टर नहीं मिलने पर सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। फुटेज देखने पर पुलिसकर्मियों को पता चला कि स्वयं एसएसपी निरीक्षण के दौरान रजिस्टर अपने साथ ले गए थे।

पुलिस विभाग के अनुसार, क्राइम रजिस्टर किसी भी थाने का सबसे महत्वपूर्ण अभिलेख माना जाता है। इसे चार नंबर रजिस्टर भी कहा जाता है, जिसमें दर्ज सभी मुकदमों और उन पर हुई कार्रवाई का संक्षिप्त लेकिन संपूर्ण रिकॉर्ड दर्ज होता है।

एसएसपी अविनाश पांडेय ने महिला थाना पुलिस की इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने महिला थाने पर तैनात 19 कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल का तबादला कर दिया तथा उनकी जगह अन्य पुलिसकर्मियों की तैनाती के आदेश जारी किए। एसएसपी ने कहा कि थाने में पीड़ित किसी भी समय सहायता के लिए पहुंच सकता है। ऐसे में ड्यूटी में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती। निरीक्षण में सामने आई कमियों के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

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