डॉक्टर नहीं पहुंचे,14 दिन के नवजात की मौत

800 रु. फीस लेने के बाद भी नही मिला इलाज, परिजनों ने किया हंगामा

मेरठ।  ब्रह्मपुरी क्षेत्र में एक निजी अस्पताल पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा है। परिजनों का दावा है कि 800 रुपये फीस जमा कराने के बावजूद डॉक्टर ने 14 दिन के नवजात बच्चे को दो घंटे तक नहीं देखा, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और ब्रह्मपुरी थाने में डॉक्टर, अस्पताल संचालक व स्टाफ के खिलाफ शिकायती पत्र देते हुए कार्यवाही की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

कैसरगंज निवासी आसिफ ने ब्रह्मपुरी पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी पत्नी की डिलीवरी करीब 14 दिन पहले दिल्ली रोड स्थित डॉ. विकास सेठ के अस्पताल में ऑपरेशन से हुई थी। आसिफ का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद से ही उनकी पत्नी और नवजात बेटे की तबीयत ठीक नहीं थी। इस संबंध में कई बार अस्पताल प्रशासन को सूचित किया गया, लेकिन उन्हें केवल जल्द ठीक होने का आश्वासन मिलता रहा।

आसिफ के मुताबिक, मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे वह अपने बेटे को लेकर उसी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने स्टाफ को बच्चे की गंभीर हालत के बारे में बताया और तुरंत डॉक्टर को बुलाने का आग्रह किया। परिजनों का आरोप है कि स्टाफ ने पहले 800 रुपये फीस जमा कराई और आश्वासन दिया कि डॉक्टर पांच से दस मिनट में आ जाएंगे। हालांकि, करीब दो घंटे तक डॉक्टर बच्चे को देखने नहीं आए। इस दौरान बच्चा लगातार तकलीफ में रहा और स्टाफ उन्हें इंतजार करने को कहता रहा।

परिजनों का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने फीस वापस लेकर बच्चे को किसी दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही, तो स्टाफ ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। कुछ देर बाद बच्चे की हालत और बिगड़ गई। उसे अस्पताल के दूसरे हिस्से में ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

मृतक नवजात के परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद डॉक्टर और स्टाफ ने उनके साथ अभद्रता, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की, जिसके बाद उन्हें अस्पताल से बाहर निकाल दिया गया। पीड़ित परिवार ने मंगलवार रात ब्रह्मपुरी थाने पूर्व मामले की शिकायत करते हुए कार्यवाही की मांग की है

No comments:

Post a Comment

Popular Posts