ट्विशा शर्मा केस में बड़ी कार्रवाई: रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को CBI ने किया गिरफ्तार
जबलपुर/भोपाल। मध्य प्रदेश के बहुचर्चित और हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। कई घंटों की कड़ी पूछताछ, वैज्ञानिक साक्ष्यों के मिलान और सीन री-क्रिएशन के बाद सीबीआई की टीम ने सेवानिवृत्त जिला जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद से मध्य प्रदेश के न्यायिक और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
हाई-टेक गैजेट्स और 3D कैमरों से हुई घेराबंदी
सीबीआई की विशेष टीम सुबह ही सेवानिवृत्त जज गिरिबाला सिंह के निवास स्थान पर पहुंच गई थी। जांच को पूरी तरह पुख्ता बनाने के लिए एजेंसी अपने साथ आधुनिक थ्री-डी (3D) लेजर स्कैनर और हाई-टेक विजुअल कैमरे लेकर आई थी।
घटना वाले स्थान की पूरी थ्री-डी मैपिंग की गई ताकि घटना के समय की परिस्थितियों का हूबहू आकलन किया जा सके। सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने गिरिबाला सिंह से कई दौर की तीखी पूछताछ की। शुरुआत में उनके बयानों में कई विरोधाभास देखने को मिले, जिसके बाद जांच एजेंसी ने उन्हें हिरासत में लिया और आखिरकार औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
पोस्टमार्टम की 7 चोटों ने बदला पूरा केस
शुरुआती दौर में इस मामले को महज एक खुदकुशी (आत्महत्या) के रूप में पेश करने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन फॉरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पूरी कहानी पलट गई। ट्विशा शर्मा के शरीर पर सात गंभीर बाहरी चोटों के निशान पाए गए थे। इन निशानों ने साफ कर दिया कि मामला सामान्य नहीं है और मौत से पहले शारीरिक संघर्ष या हिंसा हुई थी।इन चोटों के खुलासे के बाद ही मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त रुख अख्तियार किया था। हाल ही में राज्य के एडवोकेट जनरल (महाधिवक्ता) प्रशांत सिंह ने भी हाईकोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि कानून के सामने सब बराबर हैं और जांच को किसी भी स्तर पर प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
कोर्ट में पेशी और रिमांड की तैयारी
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, गिरिबाला सिंह के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने और जांच में सहयोग न करने के बाद ही यह गिरफ्तारी की गई है। गिरफ्तारी के बाद नियमानुसार उनका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है।सीबीआई आरोपी सेवानिवृत्त जज को विशेष सीबीआई अदालत में पेश करेगी, जहां मामले की तह तक जाने और अन्य संभावित सह-आरोपियों या सबूत छिपाने की साजिश का पर्दाफाश करने के लिए अधिकतम दिनों की पुलिस रिमांड मांगी जाएगी।
ट्विशा शर्मा के परिवार ने इस गिरफ्तारी पर संतोष जताया है और उम्मीद जताई है कि केंद्रीय एजेंसी की इस त्वरित कार्रवाई से जल्द ही पूरा सच सामने आएगा और पीड़िता को न्याय मिलेगा।
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