ट्रांसजेंडर कानून में अभी नहीं होगा बदलाव

सुप्रीमकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

- तीन जजों की बेंच करेगी सुनवाई

नई दिल्ली (एजेंसी)।सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों से जुड़े संशोधित कानून की सांविधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर केंद्र सरकार, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमल्या बागची की पीठ ने याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सहमति जताते हुए नोटिस जारी किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी अंतरिम राहत का सवाल नहीं उठता।
पीठ ने यह भी कहा कि मामले की आगे की सुनवाई के लिए इसे तीन जजों की बेंच के सामने रखा जाएगा, जिसका गठन सीजेआई करेंगे। अदालत ने इस मामले को छह हफ्ते बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
गौरतलब है कि संसद ने 25 मार्च को ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के संरक्षण और अधिकारों से जुड़े कानून में संशोधन विधेयक पारित किया था, जिसे 30 मार्च को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई। इस संशोधन में 'सामाजिक अभिविन्यास' को कानून के दायरे से बाहर रखा गया है। संशोधित कानून में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के खिलाफ अपराधों के लिए नुकसान की गंभीरता के आधार पर अलग-अलग सजा का प्रावधान भी किया गया है।

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