सेट्रल मार्केट प्रकरण
आवास विकास के नोटिस देने का कार्य हुआ पूरा
मेरठ। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से आवास विकास परिषद की ओर से 815 भूृंखड स्वामियों को नोटिस देने का कार्य पूरा हो गया। है। अब नोटिस वाले भूखंड के स्वामियों ने आदेश के अनुसार अपने व्यापरिक प्रतिष्ठानों व सैटबेक के अनुसार तोड़ना आरंभ कर दिया है। इस दौरान आवास के अधिकारी नोटिस देने वालों से कोर्ट के आदेश का पालन करने की अपील कर रहे है।
बता दें सुप्रीम कोर्ट ने शास्त्री नगर के सैक्टर एक ,दो तीन , चार , पांच व छह, सात , सैक्टर8 , सैक्टर9, सैक्टर 10,11,12,13 में कुल 860 संम्पत्तियों पर कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। जिसमें से 661/6 को गत वर्ष ध्वस्तीकरण कर दिया गया था। जब कि अन्य 44 सम्पत्तियों को पुलिस की मौजूदगी में सील कर दिया था। इस दौरान 815 भूखंड बच गये है। जिस पर नोटिस की कार्रवाई नहीं थी। लेकिन आवास विकास के अधिकारियों ने पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में काफी संख्या में ऐसे आवासीय व व्यापरिक प्रतिष्ठनों पर नोटिस चस्पा कर दिए थे। लेकिन महिलाओं के भारी विरोध के चलते । कार्य को बीच में रोक दिया था। लेकिन कोर्ट के खौफ से आवास विकास ने ऐसे अन्य भूंखड़ों को या तो नोटिस चस्पा कर दिए है। जिन्होंने नोटिस लगाने से इन्कार कर दिया ऐसे लोगों को कोरियर के माध्यम से नोटिस भेज गये है।
आवास विकास के अधीशासी अभियंता अभिषेक राज ने बताया कोर्ट का पालन हर हाल में नोटिस पाने वालों को कराना ही होगा। उन्होंने बताया अधिक भूखंड स्वामियों ने अपने नोटिस के आधार सैट बैक के हिसाब से अपने आवासों व व्यापारिक प्रतिष्ठानों को ताेड़ना आरंभ कर दिया है।
एसबीआई के अधिकारियों ने आवास के अधिकारियों से मौहलत मांगी
शास्त्री नगर पांच भी सुप्रीम कोर्ट द्वारा की जा रही कार्रवाई की चपेट में आये थे। जिसमें पंजाब नेशनल बैंक व आईडीबीआई बैक ने शाखा को दूसरे स्थान पर शिफ्ट कर दिया था। लेकिन सैक्टर दो स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा पर सील की कार्रवाइ आवास विकास ने की थी। शनिवार को बैंक का एक प्रतिनिधि मंडल आवास विकास कार्यालय पर पहुंचा। जहां उन्होंने सैट बैक के आधार पर ध्वस्तीकरण करने की अनुमति मांगी।


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