सदर के कंकाल वाले घर से निकला चार क्विंटल कूड़ा
सफाई के दौरान भीषण दुर्गंध से तीन युवकों की हालत बिगड़ी, उल्टियां हुईं
मेरठ। सदर क्षेत्र में तेली मोहल्ले में उदय भानु बिस्वास के घर की सफाई के दौरान तीन कर्मचारियों की हालत बिगड़ गई। दरवाजा खुलते ही ऐसी दुर्गंध उठी कि कर्मचारी उल्टी करने लगे। आस पास के लोगों ने पानी पिलाया, तब जाकर हालत में सुधार हुआ। दो दिन चली सफाई के बाद घर से करीब चार कुंतल कूड़ा और कबाड़ निकला है। बड़ी मात्रा में कपड़े मिले हैं, जिनसे दुर्गंध उठ रही थी।
सदर बाजार के तेली मोहल्ले में 72 वर्ष के उदय भानु बिस्वास अपनी 36 वर्ष की बेटी प्रियंका बिस्वास के साथ रहते चले आ रहे थे। 11 अप्रैल की शाम प्रियंका का शव उसके बंद मकान से पुलिस ने बरामद किया जो 90 प्रतिशत कंकाल में तब्दील हो चुका था।साफ पता चल रहा था कि कई माह से यह शव यहां पड़ा हुआ था लेकिल उदय भानु बिस्वास ने किसी को सूचना नहीं दी। पुलिस ने शव को मोर्चरी भेजा और पिता उदय भानु बिस्वास को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
उदय भानु बिस्वास की कराई काउंसलिंग
पुलिस ने जब उदय भानु बिस्वास से बेटी प्रियंका की मौत के बारे में जानने का प्रयास किया तो वह कुछ नहीं बता पाया। पुलिस को लगा कि उदय भानु बिस्वास को सदमा लगा है। उन्होंने अफसरों से काउंसलिंग कराये जाने की पैरवी की। इसके बाद 17 अप्रैल को उदय भानु को मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग में एडमिट करा दिया गया।
भतीजे की तहरीर पर दर्ज हुई एफआईआर
बुधवार को काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी हो गई और पुलिस ने उदय भानु बिस्वास को हिरासत में ले लिया। भतीजे विश्वजीत विश्वास की ओर से तहरीर दी गई, जिसके आधार पर सदर पुलिस ने उदय भानु बिस्वास के खिलाफ BNS की धारा 239 (जानबूझकर अपराध की सूचना ना देना या छिपाना), 272 (ऐसा कृत्य करना जिससे संक्रमण फैलने की संभावना हो) और 301 (शव के प्रति अनादरपूर्ण व्यवहार करना) के तहत मुकदमा दर्ज किया। हालांकि तीनों ही धाराओं के अंतर्गत सात वर्ष से कम की सजा थी, इसलिए थाने से ही जमानत दे दी गई।
साफसफाई के दौरान बिगड़ी हालत
उदय भानु बिस्वास को जमानत मिलते ही पुलिस ने घर की चाबी भी सौंप दी। रिश्तेदारों ने सफाई कर्मचारी बुला लिया। जैसे ही दरवाजा खुला और साफ सफाई का काम शुरु हुआ, कुछ देर बाद ही कर्मचारियों की हालत बिगड़नी शुरु हो गई।दरअसल, घर के अंदर इतनी दुर्गंध थी कि सांस लेना मुश्किल हो रहा था। ठेकेदार कुतुबुद्दीन ने बताया कि तीन कर्मचारियों को उलटी हो गई थी और उन्होंने काम बंद करना पड़ा। इसके बाद कुछ और कर्मचारी वहां बुलाए गए। तब मास्क पहनकर काम शुरु हुआ।
चार क्विंटल से ज्यादा निकला कूड़ा
जिस घर में उदय भानु बिस्वास व उनकी बेटी प्रियंका रहती थी, उसमें दो कमरे व एक किचन मात्र है। दरवाजा खुला तो अंदर गंदगी का ढेर देखकर सब हैरान रह गए। सफाई कर्मचारियों ने भीषण दुर्गंध के बीच घर में काम शुरु कर दिया।धीरे धीरे गंदगी का अंबार लग गया। एक के बाद एक दस से ज्यादा बड़े बैग गंदगी से भर गए, जिनको तीन से चार युवक मिलकर उठा पा रहे थे। साफ सफाई के दौरान आस पास के लोगों का भी जमावड़ा लगा रहा।
अलमारी गली, बर्तनों पर लगा जंग
उदय भानु बिस्वास के घर के भीतर की हालत ठीक नहीं थी। हालात फिर वही सवाल खड़े कर रहे थे, जिनके जवाब अभी तक नहीं मिले थे। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि मानों कई सालों से यह घर बंद पड़ा हो।कपड़े वाली अलमारी से लेकर किचन के बर्तनों तक सभी में जंग लग चुका था। कई उपकरण तो ऐसे थे, जिनका प्रयोग ही नहीं हो सकता था। इसलिए उन्हें भी कबाड़ के साथ बाहर निकलवा दिया गया। शुक्रवार को साफ सफाई का 70 प्रतिशत काम पूरा हो गया, जिसके बाद घर को पानी में दवा डालकर धुलवाया भी गया।


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