आईआईएमटी विश्वविद्यालय में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
- स्कूल ऑफ़ फ़ार्मास्यूटिकल साइंसेज़ द्वारा आयोजित कार्यशाला में ‘बायो-एंज़ाइम्स’ पर दी गयी महत्वपूर्ण जानकारियां
मेरठ। आईआईएमटी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ़ फ़ार्मास्यूटिकल साइंसेज़ द्वारा ‘बायो-एंज़ाइम्स’ पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य सतत जीवन शैली के बारे में जागरूकता पैदा करना और पर्यावरण संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन तथा घरेलू उपयोग में बायो-एंज़ाइम्स के महत्व को उजागर करना था।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता स्वाति सिंह रहीं जो ‘कलर कोड इंजीनियरिंग’, ‘कलर कोड फ़ाउंडेशन’ और ‘दक्षलीला एक्ज़िम एलएलपीश् की संस्थापक होने के साथ-साथ गुरुग्राम नगर निगम की ब्रांड एंबेसडर भी हैं। स्वाति सिंह ने बायो-एंज़ाइम्स को बनाने की विधि, उनके उपयोग और पर्यावरण को होने वाले लाभों के बारे में बहुमूल्य जानकारी साझा की। उनके सत्र ने छात्रों और फ़ैकल्टी सदस्यों को अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल और सतत जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला में आईआईएमटी विश्वविद्यालय के साथ जीएस यूनिवर्सिटी के लगभग 20 छात्रों ने बाहरी प्रतिभागियों के रूप में भाग लिया। इस सत्र ने प्रतिभागियों को अपशिष्ट प्रबंधन, प्राकृतिक सफ़ाई के घोल, सतत घरेलू जीवन शैली और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बायो-एंज़ाइम्स के व्यावहारिक उपयोगों को समझने में मदद की। इस कार्यशाला ने छात्रों को हरित उद्यमिता के अवसरों और सतत नवाचारों की खोज करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
इस कार्यशाला का आयोजन स्कूल ऑफ़ फ़ार्मास्यूटिकल साइंसेज़ के प्रिंसिपल डॉ. अतुल प्रताप सिंह और विभागाध्यक्ष डॉ. हिमांचल शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम आयोजक मानसी अग्रवाल की देखरेख में हुआ। मंच संचालन हर्षिता सहदेव ने किया। कार्यक्रम समन्वयक दीपक गोयल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. ललिता चौधरी ने सभी का आभार व्यक्त किया।


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