मेरठ औद्योगिक गलियारे के लिए निवेशकों को होने लगे आवंटन

- प्रथम चरण के लिए छह कंपनियों की आवंटन प्रक्रिया अंतिम चरण में

- नोएडा की एमएम मेटा क्राफ्ट कंपनी 500 से अधिक स्थानीय लोगों को देगी रोजगार

- यूपीडा की ओर से मूलभूत सुविधाएं प्रदान मिलते ही आकार लेेगा औद्योगिक गलियारा

- इंटीग्रेटिड मैन्यूफैक्चरिंग लॉजिस्टिक क्लस्टर बेस्ड होगा औद्योगिक गलियारा  

मेरठ।  बिजौली में गंगा एक्सप्रेस वे के किनारे जल्द ही औद्योगिक गलियारा आकार लेता हुआ दिखाई देगा। यूपीडा की ओर से जमीन समतलीकरण और सड़क निर्माण जैसे कार्यों में तेजी लाने के साथ ही कंपनियों को जमीन आंवटन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। देशी और विदेशी कंपनियों की दिलचस्पी के बीच 6 कंपनियों को आवंटन पत्र जारी हो चुके हैं, जिन्हें जल्द ही कब्जा दे दिया जाएगा।

594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे राज्य के बारह जिलों से होकर गुजर रहा है। सरकार की योजना के तहत लगभग 11 जिलों में औद्योगिक गलियारे बनाए जाएंगे। मेरठ के गांव बिजौली के पास प्रथम चरण में 194 हेक्टेयर भूमि पर 24 औद्योगिक भूखंड विकसित किए गए हैं। इन भूखंडों के लिए सौ से अधिक देशी और विदेशी निवेशकों ने अपनी रूचि दिखाई है। छह निवेशकों को आवंटन पत्र जारी हो चुके हैं। आवंटन पत्र प्राप्त करने वाली पहली कंपनियों में एमएम मेटा क्राफ्ट भी शामिल हैं। यह कंपनी एल्युमिनियम के माइक्रो लेवल के पार्ट्स का निर्माण करती है। वर्तमान में इस कंपनी की यूनिट नोएडा में स्थित हैं। मेरठ स्थित औद्योगिक गलियारे में कंपनी अपनी योजना का विस्तार करेगी। कंपनी के अधिकारी मोहित शर्मा ने बताया कि यहां ऑटो इंडस्ट्री, सौलर इंडस्ट्री, विंडो और फैब्रिकेशन इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाले एल्युमिनियम के माइक्रो लेवल के पार्ट्स का उत्पादन किया जाएगा। यूपीडा की ओर से एमएम मेटा क्राफ्ट को लगभग 20 हजार 169 वर्ग मीटर जमीन आवंटित की गई है। कंपनी के टेक्निकल ऑफिसर अभिषेक शर्मा के मुताबिक यूपीडा की ओर से मूलभूत सुविधाएं सड़क, बिजली, पानी सुविधाएं प्रदान होते ही भवन निर्माण प्रक्रिया जारी कर दी जाएगी।

मिलेगा स्थानीय लोगों को रोजगार

एमएम मेटा क्राफ्ट कंपनी अधिकारियों के अनुसार भवन निर्माण प्रक्रिया के साथ ही जल्द स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञों को छोड़कर अन्य लगभग 500 पदों पर नियुक्ति स्थानीय युवाओं के माध्यम से ही की जाएगी। प्रथम चरण में तकनीकी विशेषज्ञ नोएडा स्थित परिसर से ही स्थानांतरित किए जाएंगे।

आईएमएलसी बेस्ड होगा औद्योगिक गलियारा

गंगा एक्सप्रेस वे के औद्योगिक गलियारे के साथ ही हर जिले में आईएमएलसी - इंटीग्रेटिड मैन्यूफैक्चरिंग लॉजिस्टिक क्लस्टर बेस्ड लॉजिस्टिक पार्क भी बनाए जाएंगे। उदहारण के लिए यदि मेरठ में धागे से कपड़ा बनाने की यूनिट लगाई जा रही है तो अगले जिले में कपडे़ से रेडिमेट गारमेंट्स बनाने की यूनिट लगाईं जाएंगी।

मेरठ औद्योगिक गलियारा निवेशकों की पहली पसंद

प्राप्त जानकारी के अनुसार निवेशकों को मेरठ में सुविधाएं अधिक होने के कारण यह औद्योगिक गलियारा सबसे अधिक भा रहा है। यहां से जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट महज 90 किमी दूर है। वहीं 70 किमी पर दादरी में इनलैण्ड कंटेनर डिपो है, जबकि मोहिउद्दीनपुर इनलैण्ड कंटनेर डिपो की दूरी महज 20 किलोमीटर होगी।

उप आयुक्त (उद्योग) अमरेश कुमार पाण्डेय का कहना है कि औद्योगिक गलियारे के निर्माण को लेकर प्रदेश सरकार अति गंभीर है। शासन की इच्छा के अनुरूप सभी विभाग अपने स्तर से जल्द से जल्द योजना को धरातल पर लाने के लिए प्रयासरत हैं।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts