युवाओं ने राशन व्यवस्था को अंदर से जाना

मेरठ। राशन की दुकान के बाहर लगी लाइन तो हम अक्सर देखते हैं, लेकिन उस एक किलो गेहूँ के पीछे काम करने वाली पूरी व्यवस्था को शायद ही कोई समझता हो। इसी खाई को पाटने के लिए माय भारत मेरठ, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार की पहल पर जिला युवा अधिकारी श्री यशवंत यादव के नेतृत्व में 04 मई 2026 को क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी कार्यालय, तहसील सदर, मेरठ में 5 दिवसीय अनुभव आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी नीरज कुमार एवं पूर्ति निरीक्षक  रिया जायसवाल ने स्वयंसेवकों को PDS की पूरी कार्यप्रणाली से अवगत कराया — राशन कार्ड की पात्रता से लेकर बायोमेट्रिक वितरण, विभागीय संरचना और धोखाधड़ी रोकने के उपायों तक। सत्र तब और जीवंत हो उठा जब गौरी मेहता ने डीलर द्वारा मशीन के उपयोग और उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल पूछा, शिवम कुमार ने पोर्टेबिलिटी सुविधा को लेकर जिज्ञासा जताई और सौरभ ने जानना चाहा कि शिकायत मिलने पर विभाग कितनी जल्दी कार्रवाई करता है।

 अधिकारियों ने भी स्वीकार किया कि युवा स्वयंसेवकों में इस स्तर की समझ और जिज्ञासा कम देखने को मिलती है।आने वाले चार दिनों में यह अनुभव आधारित सफर और व्यावहारिक होता जाएगा। 5 मई को दल नवीन मण्डी, दिल्ली रोड स्थित गेहूँ क्रय केन्द्र का भ्रमण करेगा, जहाँ  गुरनाम सिंह दिखाएंगे कि किसान से गेहूँ सरकार तक कैसे पहुँचता है। 6 मई को एफ.सी.आई. परतापुर गोदाम में  मुकेश कुमार के साथ हजारों टन अनाज के भंडारण और प्रबंधन को करीब से समझा जाएगा। 7 मई को स्वयंसेवक सीधे उचित दर की दुकान पर पहुँचकर जमीनी वितरण प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव लेंगे। कार्यक्रम का समापन 8 मई को क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी कार्यालय, हीरालाल बिल्डिंग, नगर मेरठ में संवाद एवं समारोह के साथ होगा।यह कार्यक्रम खाद्य एवं रसद विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के जिला पूर्ति अधिकारी  विनय कुमार सिंह के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है।

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