एमबीए की छात्रा की मौत छात्रों का कमिश्नरी पर  प्रदर्शन

छात्रों की पुलिस से नोकझोंक बड़े आंदोलन की दी चेतावनी ,राजनैतिक पार्टियों ने भी दिया समर्थन

मेरठ। आईआईएमटी विवि  में एमबीए  छात्रा अनु गुप्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में बुधवार को छात्र नेता विजित तालियान, मोहम्मद शान समेत बड़ी संख्या में छात्र कमिश्नरी पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि जब तक अनु को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

कमिश्नरी की ओर बढ़ रहे छात्रों को रास्ते में ही सीओ शुचिता सिंह ने भारी पुलिस बल के साथ रोक लिया। मौके पर काफी देर तक छात्रों और पुलिस के बीच बहस होती रही। बाद में एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत कर उनकी बात सुनी। अधिकारियों ने छात्रों को मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद छात्रों ने अपना ज्ञापन एडीएम सिटी को सौंप दिया। छात्रों का आरोप था कि मामले में अब तक जिम्मेदार लोगों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से छात्रा की मौत की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। छात्र नेताओं ने साफ कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

छात्र नेता विजित तालियान ने कहा कि कुछ दिन पहले IIMT यूनिवर्सिटी में बहन अनु गुप्ता की संदिग्ध हालात में मौत हुई थी। उन्होंने कहा कि यह आत्महत्या थी या हत्या, पांच दिन बीत जाने के बाद भी अब तक किसी स्तर पर जांच आगे नहीं बढ़ पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र प्रशासन से मदद मांगने आए थे, लेकिन भारी पुलिस बल लगाकर उन्हें बीच सड़क पर रोक दिया गया, जो पुलिस की तानाशाही को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों से उनकी बातचीत हुई है और अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले की जांच कराई जाएगी। विजित तालियान ने चेतावनी दी कि अगर अनु की तेरहवीं तक निष्पक्ष जांच कर दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि अगला कदम और बड़ा होगा, जिसमें दोबारा प्रदर्शन, मशाल जुलूस और अन्य आंदोलन शामिल होंगे।

वहीं आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष अंकुश ने भी प्रदर्शन में शामिल होकर विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले संस्थानों में छात्रों को प्रताड़ित किया जा रहा है। दूर-दराज से पढ़ने आने वाले छात्रों के माता-पिता अपने बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए भेजते हैं, लेकिन यहां उनका शोषण हो रहा है।

अंकुश ने कहा कि जब छात्र नेता और अन्य लोग छात्रा को न्याय दिलाने की मांग करते हैं तो उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अभी तक कार्रवाई किस स्तर तक पहुंची है, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी न तो परिवार को दी गई है और न ही छात्रों को। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी शुरू से पीड़ित परिवार और छात्रों के साथ खड़ी है और अनु को न्याय मिलना चाहिए।

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