पवन खेड़ा को शर्तों के साथ मिली अग्रिम जमानत
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा- थाने में पेश होना होगा, बिना अनुमति देश नहीं छोड़ेंगे
नई दिल्ली (एजेंसी)।कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को निर्देश दिया कि, वे जांच में सहयोग करें और बुलाए जाने पर थाने में पेश होंगे, साथ ही सबूतों को प्रभावित करने या उनके साथ छेड़छाड़ करने से बचेंगे।
मालूम हो कि कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी, रिंकी भुइयां सरमा के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप लगे है।
कोर्ट ने खेड़ा को यह भी बताया कि, वे कोर्ट की अनुमति के बिना देश छोड़कर नहीं जा सकते। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को यह अनुमति भी दी कि, अगर जरूरत हो तो वह इन शर्तों में और शर्तें जोड़ सकते है, साथ ही निर्देश दिया कि जमानत की सुनवाई में पेश किए गए दस्तावेजों या तथ्यों पर ध्यान न दें।
बता दें कि, गुरुवार को दोनों पक्षों की ओर से तीखी टिप्पणियों से भरी सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। खेड़ा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने इसे एक "अभूतपूर्व मामला" बताया था और मुख्यमंत्री के लिए व्यंग्यात्मक रूप से "अभियोजक के बॉस के बॉस के बॉस" जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था।
यह मामला 4 अप्रैल को हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस से जुड़ा है। जिसमें पवन खेड़ा ने आरोप लगाया था कि, मुख्यमंत्री हिमंत सरमा की पत्नी के पास तीन देशों के पासपोर्ट हैं। उन्होंने रिंकी सरमा पर अवैध गतिविधियों में शामिल होने का भी आरोप लगाया था।
इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया था कि, दुबई में उनकी कुछ आलीशान संपत्तियां भी हैं, जिनका खुलासा नहीं किया गया है। जो अमेरिका के किसी राज्य में स्थित एक कंपनी के नाम पर रजिस्टर्ड हैं।
सरमा परिवार ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज करते हुए इन दस्तावेजों को एआई-जनित मनगढ़ंत बातें बताया था। जिन्हें पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप्स द्वारा फैलाया जा रहा है। इसके बाद गुवाहाटी पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई गई थी।


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