स्वदेशी नस्ल के गौपालन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था का होगा तेज विकास: मेश्राम
दुग्ध आयुक्त ने कहा—सुनिश्चित की जा रही गौ से ग्राहक तक” की समुचित व्यवस्था
मेरठ में डेयरी कॉन्क्लेव–स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम का भव्य आयोजन
मेरठ। डेयरी कॉन्क्लेव–स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम (स्वदेशी उन्नत गौवंश, समृद्ध निवेश, सुरक्षित भविष्य, खुशहाल उत्तर प्रदेश) का मंगलवार को अटल सभागार में आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुकेश कुमार मेश्राम, अपर मुख्य सचिव द्वारा कार्यक्रम में पधारे अतिथियों का स्वागत करते हुए अपने संबोधन में वर्तमान परिदृश्य में स्वदेशी नस्ल के गौपालन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया गया तथा दुग्ध विकास विभाग में संचालित विभिन्न योजनाओं के बहुआयामी लाभों पर प्रकाश डालते हुए इन योजनाओं से पशुपालकों/गौपालकों के जीवन स्तर में आने वाले बदलावों पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम में धनलक्ष्मी के., दुग्ध आयुक्त द्वारा स्वागत संबोधन के साथ अवगत कराया गया कि प्रदेश दुग्ध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है तथा इस स्थिति को बनाए रखने हेतु राज्य सरकार द्वारा अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं के माध्यम से किसानों को सुनिश्चित बाजार, पारदर्शी मूल्य निर्धारण और स्थायी आय प्रदान की जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार प्राप्त हुआ है। इसी परिप्रेक्ष्य में विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादकों को गुणवत्तायुक्त दुग्ध उत्पादन हेतु नन्द बाबा दुग्ध मिशन एवं उपभोक्ताओं को वैश्विक स्तर के गुणवत्तायुक्त दूध एवं दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए उ.प्र. दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पादन प्रोत्साहन नीति-2022 लागू की गई है अर्थात “गौ से ग्राहक तक” की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
84 करोड़ रूपये की धनराशि अनुदान के रूप में वितरित की गयी
आज डेयरी क्षेत्र उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। विभाग द्वारा दुग्ध विकास क्षेत्र में कुल 25,000 करोड़ रुपये से अधिक के 796 एमओयू संपादित किए गए हैं, जिससे 60,000 से अधिक रोजगार सृजित होंगे। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी-5.0 के अंतर्गत डेयरी सेक्टर में 2000 करोड़ रुपये की 72 परियोजनाओं का शुभारंभ हुआ है, जिससे लगभग 4000 रोजगार सृजित हुए हैं।विगत वर्षों में नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत 10,000 से अधिक लाभार्थियों को 84 करोड़ रुपये की धनराशि अनुदान के रूप में डीबीटी के माध्यम से वितरित की गई है। साथ ही 4000 से अधिक प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियों का गठन करते हुए लगभग 1,50,000 दुग्ध उत्पादकों को जोड़ा गया है।इसके अतिरिक्त विभाग के 50 वर्षों के इतिहास और नवाचार से अवगत कराते हुए दुग्ध उत्पादकों की आय दोगुनी करने के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनाने में दुग्ध विकास अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।
कार्यक्रम में नन्द बाबा दुग्ध मिशन के लाभार्थियों द्वारा अपनी सफलता की गाथा साझा की गई तथा अमूल, मदर डेयरी, आनंदा, अरविन्द डेयरी के प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुतिकरण किया गया। साथ ही निहारिका तिवारी (Edge Marketing Pvt. Ltd.) एवं असीम रावत (हेथा ऑर्गेनिक) द्वारा नवाचार के संबंध में अपने अनुभव साझा किए गए।मेरठ में आयोजित कार्यक्रम में निजी एवं सहकारी डेयरी जैसे भारत स्कियर, मधुसूदन, आनंदा, मदर डेयरी, हरित प्रदेश, के.एस.एस. डेयरी, अरविन्द डेयरी तथा पराग जैसे बड़े ब्रांडों के स्टॉल लगाकर उनके उत्पादों का प्रदर्शन किया गया।
दुग्ध उत्पादक समेत एक हजार उद्यमियों ने किया प्रतिभाग
मेरठ एवं सहारनपुर मंडल के वरिष्ठ अधिकारीगण सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में मेरठ एवं सहारनपुर मंडल के कृषकों/गौपालकों/दुग्ध उत्पादकों/उद्यमियों/निवेशकों के लगभग 1000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। साथ ही वेबकास्टिंग/Live YouTube के माध्यम से प्रदेश के अन्य जनपदों के गौपालकों/उद्यमियों को जोड़कर विभिन्न योजनाओं, नवीनतम प्रौद्योगिकी, स्वदेशी नस्ल के गौ-पालन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर विचार-विमर्श एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ विषय विशेषज्ञों द्वारा साझा की गईं।
उक्त आयोजन में विभाग की ओर से डॉ. राम सागर, मुख्य दुग्धशाला विकास अधिकारी, ए.पी. सिंह, मुख्य दुग्धशाला विकास अधिकारी, नत्थू सिंह, दुग्धशाला विकास अधिकारी, मेरठ मंडल, राम शरण, रूपेश मिश्रा, अनुप पाण्डेय, अविनाश गुप्ता, आशुतोष सिन्हा एवं दीपक राठौर द्वारा महत्वपूर्ण योगदान दिया गया।



No comments:
Post a Comment