कैंट बोर्ड बैठक में सीबीआई घूसकांड की गूंज

सांसद ने बदले ठेके के नियम, कांजी हाउस को मंजूरी

मेरठ। कैंट बोर्ड के मनोनीत सदस्य डॉ. सतीश चंद्र शर्मा की सीबीआई द्वारा 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तारी के बाद शनिवार को कैंट बोर्ड की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ब्रिगेडियर संजीव कुमार सिंह ने की।

बैठक में कैंट बोर्ड के सीईओ जाकिर हुसैन, मेरठ-हापुड़ लोकसभा सांसद अरुण गोविल, राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, कैंट विधायक अमित अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में छावनी क्षेत्र के विकास कार्यों, ठेकों की व्यवस्था और विभिन्न जनहित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के दौरान हाल ही में सामने आए रिश्वत कांड का भी अप्रत्यक्ष असर देखने को मिला। राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी और कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने सुझाव दिया कि कैंट क्षेत्र में सभी ठेकों को भविष्य में सरकारी कंपनियों के माध्यम से संचालित कराया जाए, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके और भ्रष्टाचार पर रोक लग सके।

बैठक में अवैध निर्माण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। राज्यसभा सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार नई उपविधि लागू करने की तैयारी में है, ऐसे में कैंट क्षेत्र में हुए सभी अवैध निर्माणों की पहचान कर उन्हें चिह्नित किया जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि इन निर्माणों का रिकॉर्ड वीडियोग्राफी के साथ तैयार किया जाए और नई नीति लागू होने के बाद कार्रवाई की जाए।

लोकसभा सांसद अरुण गोविल ने मॉल रोड सहित छावनी क्षेत्र में आवारा पशुओं से होने वाली समस्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने सुझाव दिया कि आवारा पशुओं के लिए आश्रय स्थल बनाया जाए और भगत लाइन स्थित कैटल हाउस को अस्थायी कांजी हाउस के रूप में उपयोग किया जाए। इस पर ब्रिगेडियर संजीव कुमार सिंह ने संबंधित अधिकारियों से चर्चा करने की बात कही।

कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने छावनी क्षेत्र के स्कूलों के जीर्णोद्धार के लिए ‘अलंकार योजना’ के तहत काम कराने का प्रस्ताव रखा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग कमर्शियल हाउस टैक्स दे रहे हैं, उन्हें मूलभूत सुविधाएं भी समय पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए।बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर सहमति बनी और छावनी क्षेत्र के विकास को लेकर आगे की कार्ययोजना पर विचार किया गया।

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