जिला पंचायत अध्यक्ष ने निकाला ट्रैक्टरों का काफिला

लोग बोले- पीएम-सीएम की अपील का भी ध्यान नहीं, सफाई में कहा- ऐसा होगा, पता नहीं थी

 मेरठ। भाजपा नेता और जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी ने ट्रैक्टरों का लंबा काफिला निकाला है। गौरव चौधरी का एक वीडियो सामने आया है। इसमें गौरव ट्रैक्टर में बैठे हैं। उनके पीछे लगभग 10-12 ट्रैक्टरों का लंबा काफिला और लोगों की भीड़ है।ये वीडियो रविवार का है।

 बताया जा रहा है कि एक गांव में आयोजन था, जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी को आमंत्रित किया गया था। इसी आयोजन में शामिल होने के लिए गौरव ट्रैक्टरों के काफिले के साथ गांव पहुंचे।सोशल मीडिया पर लोगों ने इस वीडियो को शेयर करते हुए PM-CM के ईंधन बचाने की अपील को लेकर तंज कसा। लिखा- एक तरफ पीएम मोदी, सीएम योगी देश-प्रदेश में ऊर्जा संरक्षण की अपील कर रहे हैं।ईंधन की खपत कम से कम करने की बात कर रहे हैं। ऐसे में भाजपा नेता ही ट्रैक्टरों के काफिले संग नजर आ रहे हैं। इतना भी ध्यान नहीं रखा। लगता है सरकार ने तेल बचाने की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार ने आम जनता को दी है। ट्रोल होने के बाद गौरव चौधरी ने सफाई दी है। कहा- गांव वाले ऐसा करेंगे, मुझे पहले से मालूम नहीं था।

सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा- जहां भारत के प्रधानमंत्री ने अपनी सुरक्षा से सुरक्षा कर्मी और सुरक्षा वाहन की कमी की है। वहीं, सभी मंत्री की सुरक्षा में भी कमी की है। ईरान युद्ध को देखते हुए और पेट्रोल और डीजल की किल्लत को देखते हुए इस तरह का कदम उठाया गया है।

प्नधानमंत्री ने सभी लोगों से पेट्रोल और डीजल को कम खर्च करने का आह्वान किया है। वहीं, मेरठ के भाजपा जिला अध्यक्ष गौरव चौधरी ने सैकड़ो ट्रैक्टर्स और गाड़ियों के साथ काफिला निकला, जिससे प्रधानमंत्री के आह्वान को दरकिनार करते हुए बड़ी रैली का आयोजन किया।

चर्चाओं में रहता है गाड़ियों का काफिला

जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी अक्सर अपनी कारों के काफिले को लेकर भी सुर्खियों में रहते हैं। उनके सोशल मीडिया पर डिफेंडर, रेंज रोवर और मर्सिडीज जैसी तमाम लग्जरी गाड़ियों के साथ उनकी पोस्ट रहती है। इसके बाद अब यह ट्रैक्टरों का काफिला और भी ज्यादा वायरल हो रहा है।

कौन हैं गौरव चौधरी

गौरव चौधरी मेरठ के कुसैड़ी गांव के रहने वाले हैं। 2021 के सेशन में वो भाजपा से जिला पंचायत अध्यक्ष बने। गौरव चौधरी का यह पहला ही चुनाव था। चुनाव से ठीक पहले ही गौरव जर्मनी से लौटे थे। क्योंकि वो पत्नी, बेटी के साथ जर्मनी में ही रहते थे। चुनाव के समय मेरठ आए, चुनाव जीते। इसके बाद से मेरठ में ही अंसल टाउन में रह रहे हैं।

पिता महकार चौधरी सरकार के मत्स्य विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं। लेकिन, दो चाचा ग्राम प्रधान और चाची जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं। वह खुद भी गांव से लगातार जुड़े रहे हैं। प्रारंभिक शिक्षा गुरुकुल हॉस्टल में हुई लेकिन, जब भी वह गांव आते थे तो बैठक पर गांव के लोगों की समस्याओं पर मंथन होते देखते थे।

चाचा योगेंद्र कुसैड़ी 2005 से 2010 तक गांव के प्रधान रहे। इसके बाद उनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य रहीं। योगेंद्र जिला सहकारी बैंक के डायरेक्टर भी रहे। गौरव के छोटे चाचा सुनील कुमार निर्विरोध ग्राम प्रधान चुने गए। गौरव की समाज सेवा में रुचि देखकर चाचा योगेंद्र ने ही कहा कि मोदी से तुम इतने प्रेरित हो तो चुनाव लड़कर लोगों की सेवा करो। योगेंद्र कुसैड़ी 2016 से भाजपा किसान मोर्चे के जिला उपाध्यक्ष हैं।

गौरव ने अपने बाबा के नाम पर कर्मयोगी भीम सिंह मेमोरियल ट्रस्ट बनाया हुआ है। इसके जरिए वे गांवों में जरूरतमंद बच्चों की मदद करते हैं। साल में एक बार एक-एक गांव में जाकर वहां बच्चों को किताबों के अलावा कपड़े आदि देते हैं।

जर्मनी से बैचलर ऑफ इंटरनेशनल बिजनेस कोर्स करने वाले गौरव ने पढ़ाई के बाद जर्मनी में होटल व्यवसाय शुरू किया। इसके बाद प्रॉपर्टी के कारोबार से जुड़ गए। 2014 में उनकी शादी मोनिका चौधरी से हुई। पत्नी मोनिका सारा बिजनेस देखती हैं। गौरव की बेटी सोफिया है। गौरव को किताबें पढ़ने का शौक है। वह लॉन्ग ड्राइव और वॉलीबॉल का भी शौक रखते हैं।

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