7 किलोमीटर का साइकिल से सफर कर मेरठ कॉलेज पहुचे प्रोफेसर
बाेले पीएम व सीएम क की अपील में हर नागरिक सहयोग करे
मेरठ। मेरठ कॉलेज में स्पोर्ट्स टीचर, पीटीआई प्रोफेसर योगेश कुमार साइकिल से कॉलेज पहुंचे। योगेश कुमार अपने घर मोदीपुरम से मेरठ कॉलेज लगभग 7 किमी का सफर साइकिल से तय करके आए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की इस अपील में हर देशवासी को सहयोग करना चाहिए।
वर्तमान में चल रहे वैश्विक संकट के कारण विश्व भर में भविष्य में उत्पन्न होने वाले ऊर्जा संबंधी समस्याओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने देशवासियों से पेट्रोल, डीजल की बचत का आह्वान किया था। जिससे प्रेरणा लेते हुए मेरठ कॉलेज मेरठ के शारीरिक शिक्षा विभाग के प्रोफेसर (डॉ.) योगेश कुमार, जो कि महाविद्यालय की आंतरिक गुणवत्ता एवं सुनिश्चयन प्रकोष्ठ के सदस्य एवं महाविद्यालय के ऊर्जा - स्वास्थ्य एवं वैलनेस क्लब के समन्वयक भी हैं। प्रोफेसर ने साइकिल से महाविद्यालय आना शुरू किया है।
अधिकांश प्रोफेसर कारों से अकेले कॉलेज आते हैं
प्रोफेसर योगेश कुमार का कहना है कि महाविद्यालय के अधिकांश शिक्षक साथी कारों से अकेले ही अपने घर से कॉलेज आते हैं। कहा कि मेरा अपना घर कॉलेज से लगभग 7 किमी दूर पड़ता है। आने-जाने का टोटल डिस्टेंस 14 किमी पड़ता है।इसमें रोजाना एक लीटर पेट्रोल खर्च होता है। अगर सभी लोग इस तरह सोचें और साइकिल या पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन का प्रयोग करेंगे तो काफी पेट्रोल की बचत होगी।
पेट्रोल बचाकर भी कर सकते हैं देशभक्ति
प्रोफेसर योगेश आगे कहते हैं कि देशभक्ति केवल सीमा पर जवान की जिम्मेदारी ही नहीं है जब-जब किसी भी प्रकार की विपत्ति देश पर आए उसे कल में उसके नागरिकों का भी कर्तव्य बनता है कि अपनी देश के लिए जहां जितना हो सके अपना योगदान प्रदान करें।मेरठ महाविद्यालय में ही लगभग 300 कर्मचारी हैं यदि वे प्रतिदिन साइकिल, पैदल अथवा पब्लिक ट्रांसपोर्ट से महाविद्यालय आने और जाने लगे तो राष्ट्र के ऊर्जा बचत में असीम योगदान दे सकते हैं।
प्राचार्य ने किया स्वागत
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर युद्धवीर सिंह ने ऊर्जा क्लब के समन्वयक प्रोफेसर योगेश कुमार की इस पहल का स्वागत किया और उन्होंने आवाहन किया कि इससे प्रेरणा लेते हुए महाविद्यालय के शिक्षक साथियों के साथ-साथ अन्य कर्मचारी और छात्र-छात्राएं भी, अपने देश के हित के लिए जब तक वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट जारी रहता है, पैदल अथवा साइकिल से या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से कॉलेज आएं।


मेरे इस नेक दिल प्रयास को आपने अपने प्रतिष्ठित समाचारपत्र में स्थान दिया उसके लिये बहुत-बहुत धन्यावाद
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