कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुई यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026
यूपीएससी के अध्यक्ष ने किया केन्द्रों का निरीक्षण
मेरठ। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से रविवार को आयोजित यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था के बीच सम्पन्न हुई । दो पालियों में आयोजित परीक्षा में कई चर्चित मुद्दों पर सवाल पूछे गए गए। इनमें ईरान व अमेरिका के बीच हाल में हुए युद्ध से संबंधित सवाल भी शामिल रहे। पूछा गया कि किन देशों से आने वाले जहाजों को हिंद महासागर तक पहुंचने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करना होता है?
यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 मेरठ में पहली बार हुई । परीक्षा के लिए कुल 14 केंद्र बनाए गए । इन पर 5,902 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 से 11:30 तक संपन्न हुई, जबकि द्वितीय पाली का समय दोपहर 2.30 बजे से लेकर शाम 4:30 बजे तक हुई ।
परीक्षा में हल करने के लिए कुल सौ सवाल आए, इनमें कई सवाल हाल ही में घटित घटनाओं और मुद्दों को लेकर भी रहे। इनमें एक सवाल था कि किन देशों से आने वाले जहाजों को हिंद महासागर तक पहुंचने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करना होता है...। उत्तर के रूप में बहरीन, सीरिया, कतर व मिश्र का नाम दिया गया था।दूसरा सवाल नई दिल्ली में आयोजित एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन 2026 के बारे में पूछा गया। इसके अलावा बाघ गुफाओं में विद्यमान हल्लिसालस्य चित्र क्या प्रदर्शित करते हैं। इसी तरह के कई और सवाल पूछे गए थे। प्रत्येक सवाल के चार विकल्प दिए गए थे। इनमें से अभ्यर्थियों को एक चुनना था। गलत उत्तर देने पर एक तिहाई अंकों की कटौती का भी प्रावधान किया गया है।पीएमश्री राजकीय इंटर कालेज मेरठ से सुबह की पाली में परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों का कहना था कि पेपर का स्तर अबकी बार कठिन था। परीक्षा में पूछे जाने वाले भूगोल विषय के सवालों की संख्या इस बार कम दिखाई दी। उनका यह भी कहना था कि निगेटिव मार्किंग के कारण भी कुछ सवाल छोड़ने पड़े।
संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डा. अजय कुमार ने किया केन्द्रों का निरीक्षण
यूपीएससी संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डा. अजय कुमार ने रविवार को सुबह मेरठ पहुंचकर यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय डोगरा लाइंस में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए ही पहली बार देश के तीन स्थानों पर पहली बार केंद्र बनाए गए हैं। इनमें मेरठ में भी पहली बार 14 केंद्रों पर यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा कराई जा रही है।उन्होंने बताया कि नजदीक परीक्षा केंद्र न होने से अभ्यर्थियों को दो सौ, तीन सौ व पांच सौ किलोमीटर दूर तक यूपीएससी परीक्षा के लिए जाना पड़ता था। भविष्य में जरूरत पड़ने पर और भी शहरों व जिलों में परीक्षा केंद्र बनाने पर आयोग गंभीरता से विचार करेगा। उन्होंने कहा कि आयोग का प्रयास निष्पक्ष एवं पारदर्शिता के साथ अभ्यर्थियों की सहूलियत के हिसाब से परीक्षा कराना है।
यूपीएससी की परीक्षा देने के बाद रिजल्ट को लेकर अभ्यर्थियों के तनाव में होने से राहत देने पर पूछे गए सवाल पर यूपीएससी अध्यक्ष ने कहा कि पहली बार प्रारंभिक परीक्षा के बाद उसकी उत्तर कुंजी (आंसर की) भी जारी की जाएगी, जिसमें अभ्यर्थी अपने सवालों के उत्तर पोर्टल पर देख सकेंगे। उत्तर देखने के साथ उन पर अपनी ओर से आपत्ति दर्ज करने का मौका भी उनको मिलेगा।
आयोग का प्रयास है कि देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से कराया जाए। इससे पूर्व यूपीएससी चेयरमैन ने शहर के एनएएएस पीजी कालेज, सेंट जोसेफ इंटर कालेज कैंट व पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय डोगरा लाइंस का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सभी व्यवस्थाएं सही मिलीं।
पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय डोगरा लाइंस के निरीक्षण के बाद अध्यक्ष दिल्ली के लिए रवाना हो गए। निरीक्षण के दौरान सीडीओ नूपुर गोयल, नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, एसपी सिटी विनायक भोसले व जिला विद्यालय निरीक्षक मेरठ राजेश कुमार समेत अन्य अधिकारी साथ रहे।


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