IIMT विवि के जैव प्रौद्योगिकी विभाग में एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन

- संगोष्ठी में छात्र-छात्राओं ने बायोटेक्नोलोजी के विभिन्न आयामों की जानकारी प्राप्त की

मेरठ । आईआईएमटी विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग में एक दिवसीय अनुसंधान-उद्योग-शिक्षा जगत इंटरफ़ेस संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का शुभारंम्भ दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। संगोष्ठी में रिसर्च के क्षेत्र में जानकारी देने हेतु नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलोजिकल से डॉ0 गौरी मिश्रा, साइंटिस्ट पधारी। विप्रो की डील एग्जीक्यूशन मैनेजर अक्षता कपूर ने एआई इन बायोटेक्नोलॉजी के विषय में व्याख्यान दिया। गोष्ठी में उत्तर प्रदेश फोरेंसिक लेबोरेटरी के डिप्टी डायरेक्टर डा0 अरुण शर्मा ने फोरेंसिक के विभिन्न केस स्टडी के बारे में बताया। एनआईबी से आईं साइंटिस्ट गौरी मिश्रा ने बायोलॉजिकल प्रोडक्टस और उनके क्लीनिकल ट्रायल के बारे में बताया। फॉरेंसिक साइंस के वास्तविक अपराधों की केस स्टडीज को वास्तविक उदाहरणों के साथ हल किया। सभी छात्र-छात्राओं ने इस संगोष्ठी में बायोटेक्नोलॉजी के विभिन्न आयामों की जानकारी प्राप्त की। 

संगोष्ठी की संयोजक विभागाध्यक्ष डा0 शुभा द्विवेदी ने बताया कि आईआईएमटी विश्वविद्यालय, जैव प्रौद्योगिकी के विभिन्न आयामों को प्राप्त करने के लिए प्रयत्नशील है। यह संगोष्ठी शोध आधारित कोर्स डेवलपमेंट के साथ व्यावसायिक शिक्षा और उसके इंडस्ट्री में उपयोग विषयक आधारित रही है। एक ही समय में छात्र-छात्राओं को तीनों ही क्षेत्रों की जानकारी इस संगोष्ठी के माध्यम से कराई गई है। 

आईआईएमटी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति योगेश मोहन जी गुप्ता, कुलपति प्रोफेसर दीपा शर्मा ने संगोष्ठी के सफल आयोजन के लिए जैव प्रौद्योगिकी विभाग को बधाई दीं। स्कूल ऑफ सांइस की डीन प्रोफेसर विनीता शुक्ला, माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग प्रमुख आभा वर्मा और आईक्यूएसी प्रमुख वत्सला तोमर ने अपनी विशिष्ट उपस्थिति से संगोष्ठी की शोभा बढ़ाई।

संगोष्ठी की संयोजक हिमांशी चौधरी व पूजा शर्मा रही। संगोष्ठी को सफल बनाने में डा0 रितु, डॉ0 सुनीति, डॉ0 अमित, दीपाली, इफरा, ज्योति, रिशांत, नितिन, संजना, कामाक्षी, मोनिका आदि का योगदान रहा। 

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