सीलिंग की कार्रवाई के दौरान व्यापारी को पड़ा दौरा 

व्यापारियों ने किया जमकर हंगामा, आधिकारियों से नोक झोंक 

मेरठ। बुधवार को शास्त्रीनगर की सेंट्रल मार्केट की सीलिंग को लेकर दूसरे दिन भी हंगामा जारी है। अफसर  सीलिंग करने पहुंचे तो नाराज कारोबारियों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। इस दौरान व्यापारी को हार्ट अटैक आ गया। इससे अफरा-तफरी मच गई। साथी कारोबारी उन्हें टांगकर एम्बुलेंस तक ले गए। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

एक व्यापारी ने कहा- सरकार ने हमें मार दिया। आवास विकास के अधिकारियों ने बेईमानी की है। हमें गुमराह किया। 70 करोड़ रुपए वसूलने के बाद भी हमारे प्रतिष्ठानों को सील किया जा रहा है।

मौके पर सपा नेता जीतू नागपाल भी पहुंचे। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। यह सुनकर एडीएम सिटी भड़क गए। बोले-राजनीति अपने घर जाकर करना। यहां बात करनी है तो व्यापारियों की करो। राजनीति करोगे तो जेल भेज दूंगा। इस पर सपा नेता ने कहा कि हम भी व्यापारी हैं और व्यापारी हित की ही बात करने आए हैं।



दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल मार्केट में 44 संपत्तियों को सील करने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया है। आदेश मंगलवार शाम व्यापारियों को लिखित रूप में मिल गया। बुधवार सुबह आवास विकास परिषद की 7 टीमों ने सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी। हर टीम के साथ पुलिस बल मौजूद है। रंगोली रोड स्थित सुधा हॉस्पिटल से सीलिंग की कार्रवाई शुरू हुई।



सुप्रीम कोर्ट ने कमर्शियल गतिविधियां बंद करने का आदेश दिया

27 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ के 80 भूखंड मालिकों को बड़ा झटका दिया था। आवासीय प्लॉट पर चल रही कमर्शियल गतिविधियां बंद करने का आदेश दिया और आवास विकास से विस्तृत रिपोर्ट मांगी। हालांकि, तय समय सीमा के भीतर यह रिपोर्ट दाखिल नहीं हो सकी। व्यापारियों ने अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान कर दिया।

स्थिति को संभालने के लिए आवास विकास ने समाधान पेश किया। नोटिस देकर कहा कि शुल्क जमा कर प्लॉट को आवासीय से कमर्शियल में बदल सकते हैं। 36 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर की दर तय की गई। सेटबैक नियम के तहत दुकानों को पीछे करना भी जरूरी था। कई व्यापारियों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया। नियमों के अनुसार बदलाव भी शुरू कर दिए।

6 अप्रैल यानी सोमवार को कोर्ट ने दोबारा सख्ती दिखाई। कोर्ट ने पूर्व कमिश्नर ऋषिकेश भास्कर यशोद से जवाब मांगा। 24 घंटे के भीतर 44 संपत्तियों को सील करने का आदेश दे दिया। इन संपत्तियों में बैंक, स्कूल और अस्पताल भी शामिल हैं। कोर्ट ने इन्हें शिफ्ट कर सील करने को कहा। पूर्व कमिश्नर से पूछा-ध्वस्तीकरण रोकने का आदेश किस आधार पर दिया।

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