नगर निगम में नारी अधिनियम पर निंदा प्रस्ताव पास

विपक्ष के पाषर्दों ने किया बहिष्कार, कहा विकास के मुद्दे छोड़ जनता को कर रहे गुमराह

 मेरठ।  नगर निगम द्वारा मंगलवार को एक विशेष बोर्ड बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें सांसद अरूण गोविल द्वारा नारी शक्ति वंधन अधिनियम के पास होने के चलते एक निंदा प्रस्ताव दिया गया जिसको पार्षदाें की सर्वसहमति से पास किया गया। वहीं इस प्रस्ताव को लेकर विपक्ष के पार्षदों ने बोर्ड बैठकका बहिष्कार किया। सभी पार्टियों ने कहा कि भाजपा के महापौर विकास के मुद्दों को छोड कर जनता को गुमराह करने का काम कर रही है। भाजपा जहां इस बिल को पास न होने को लेकर विपक्ष को जिम्मेदार तान रही है तो वहीं विपक्ष भाजपा पर आरोप लगा रहा है।

मेरठ में नगर निगम के 90 पार्षद हैं जिनमें से 42 पार्षद भाजपा के हैं जो इस बैठक में शामिल हुए। लेकिन विपक्ष के पार्षदों ने इस प्रस्तावित बोर्ड बैठक का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। पार्टी नेताओं ने मेयर पर विकास विरोधी होने और पार्षदों को गुमराह करने के आरोप लगाए हैं। वहीं कुछ अन्य विपक्ष के पार्षद और नामित सदस्यों के पहुंचने से कॉलम पूरा हो गया और बिल पास हो गया।



विपक्षी महिलाओं ने मनाई खुशी- अरूण गोविल

निगम की बैठक में प्रस्ताव देने वाले सांसद अरूण गोविल ने कहा कि जिस वक्त सदन में यह बिल पास नहीं हुआ मैं वहीं मौजूद था। विपक्षी महिलाओं ने उस वक्त सदन में खुशी मनाते हुए मिठाई आंटी जो बेहद निंदनीय था। यह सब विपक्ष का षड़यंत्र था और निंदा तो इसके लिए बेहद छोटा शब्द है ।

विपक्ष की यही मानसिकता- सोमेंद्र ताेमर

ऊर्जा राज्य मंत्री और भाजपा विधायक सोमेंद्र तोमर ने कहा कि देश की आधी आबादी को राजनैतिक क्षेत्र में उनका अधिकार न मिले इसके लिए विपक्ष लगातार कोशिश कर रहा था और उसमें उन्होंने खुद को साबित किया। सदन के साथ- साथ आज निगम की बोर्ड बैठक में भी विपक्ष का न आना इसी का प्रमाण है। विपक्ष अपनी इस मानसिकता का प्रमाण दे रहा है।

मुगल प्रवृति अपना रहा विपक्ष- हरिकांत आहलुवालिया

महापौर ने बताया कि सदस्यों ने ही इस विशेष बैठक का आग्रह किया था। इसमें सांसद अरूण गोविल द्वारा निंदा प्रस्ताव दिया गया जिसे पार्शदों ने पास किया। इसके साथ ही विपक्ष का विरोध करना इस बात का प्रमाण है कि वह अपनी मुगल प्रवृति का प्रमाण है। जिस प्रकार मुगल शासन में नारी शक्ति का सम्मान नहीं होता था आज भी विपक्ष ऐसा ही कर रहा है।

समाजवादी पार्टी के पार्षद एवं कार्यकारिणी सदस्य कुलदीप कीर्ति, हाजी इकराम सैफी और पूर्व पार्षद दल नेता अफजाल सैफी ने कहा कि नगर निगम के महापौर भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं और पार्षदों को भ्रमित करने के लिए बोर्ड बैठक बुलाई गई है। सपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी के सभी पार्षद सामूहिक रूप से बैठक का बहिष्कार करेंगे और कोई भी पार्षद इसमें शामिल नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई पार्षद बैठक में शामिल होता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

महिला आरक्षण और परिसीमन पर उठाए सवाल

नेताओं ने बयान में कहा कि वर्ष 2023 में सभी दलों की सहमति से पारित महिला आरक्षण (नारी वंदन) विधेयक का समर्थन किया गया था, लेकिन भाजपा अब महिला आरक्षण की आड़ में सीटों के परिसीमन के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इस कदम को संविधान विरोधी बताते हुए महिलाओं का अपमान करार दिया। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि महापौर शहर के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के बजाय राजनीतिक एजेंडे पर काम कर रहे हैं, जिससे नगर निगम की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts