युवा महिला ने चिकित्सक की आत्महत्या
हा़ॅस्टल के कमरे में मिली बेहोश
2 महीने पहले सीनियर डॉक्टर पर बदसलूकी का आरोप लगाया था
आगरा। आगरा में 28 साल की महिला डॉक्टर ने आत्महत्या कर मौत को गले लगा लिया।। रविवार शाम को डॉक्टर वर्तिका हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिलीं। पुलिस ने उन्हें दरवाजा तोड़कर निकाला और एसएन मेडिकल कॉलेज ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
वारदात का पता उस वक्त चला, जब डॉक्टर अपनी मां का फोन नहीं उठा रही थीं। मां ने वर्तिका के साथ पढ़ाई कर रहे डॉक्टर सिद्धार्थ शर्मा को फोन कर कमरे में भेजा। उन्होंने देखा तो कमरा अंदर से बंद था। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
लखनऊ की रहने वाली वर्तिका MBBS करने के बाद मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय से एमडी की पढ़ाई कर रही थीं। उन्होंने 2 महीन पहले यानी फरवरी में सीनियर रेजिडेंट पर बदसलूकी का आरोप लगाया था। संस्थान ने कमेटी से जांच कराई, लेकिन आरोप साबित नहीं हुए। बताया जा रहा है कि तभी से वह तनाव में थीं।
बोले अधिकारी
डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास ने बताया-शुरुआती जांच में नींद की गोलियों की ओवरडोज से सुसाइड की आंशका है। हालांकि, कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। फिलहाल हॉस्टल में कमरे को सील कर दिया गया है। परिजनों को सूचना दे दी है। आज शव का पोस्टमॉर्टम होगा। मौत की वजह तभी स्पष्ट होगी।
27 मार्च को भी सुसाइड की कोशिश की थी
संस्थान के निदेशक डॉ. दिनेश राठौर ने बताया- 27 मार्च को भी छात्रा ने जान देने का प्रयास किया था। तब नींद की गोलियों की ओवरडोज ले ली थी। अस्पताल में हालत में सुधार हुआ था। उसे परिजन लेकर चले गए थे। उसका मनोचिकित्सक से उपचार भी चल रहा था। उसे आत्महत्या संबंधी विचार भी आया करते थे। इसलिए परिजन उसका ख्याल रख रहे थे। 3 दिन पहले ही वापस आगरा आई थी।
छात्रा की मौत के बाद उठे रहे सवाल
छात्रा की मौत के बाद पुलिस कई सवालों के जवाब तलाश रही है। वह इतने तनाव में क्यों आ गई? उसे आत्महत्या क्यों करनी पड़ी? चर्चा है कि जबसे उसने सीनियर डॉक्टर के खिलाफ शिकायत की और जांच में कुछ भी साबित नहीं हुआ, तब से वह तनाव में थी।
पुलिस का कहना है कि छात्रा के परिजन से पूछताछ की जाएगी। हो सकता है कि उसने आत्महत्या से पहले कोई वीडियो या पोस्ट परिजन को भेजा हो। इसके बाद ही मां ने कॉल किया होगा। पुलिस मोबाइल को कब्जे में लेकर जांच करेगी। वहीं, कॉल डिटेल भी निकाली जा रही है।
सीनियर रेजिडेंट की शिकायत भी खंगाली जाएगी
यह देखा जा रहा है कि उसने सीनियर रेजिडेंट की शिकायत कहां-कहां की। कमेटी ने क्या किया? अगर कोई सुसाइड नोट सामने आता है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।निदेशक डॉ. दिनेश राठौर ने बताया-घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई गई हैं, जिसमें डॉ. बृजेश कुमार, डॉ. चंचल चंद्रा और डॉ. सुमित्रा मिश्रा शामिल हैं। कमेटी पूरे प्रकरण की जांच करेगी। इसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी

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