पूर्व विधायक संगीत सोम से मिले सेंट्रल मार्केट के व्यापारी

लोगों के बीच पहुंचने और मदद के लिए मुख्यमंत्री से मिलने का दिया आश्वासन

 मेरठ। सेंट्रल मार्केट और शास्त्रीनगर के व्यापारी जब तमाम जनप्रतिनिधियों के दरवाजे खटखटाने के बाद भी समाधान नहीं पा सके, तो अंततः उन्होंने सरधना के पूर्व विधायक संगीत सोम का रुख किया। व्यापारियों ने अपनी समस्याएं और पीड़ा उनके सामने विस्तार से रखी, जिस पर सोम ने गंभीरता दिखाते हुए आश्वासन दिया कि वे इस मामले में ठोस पहल करेंगे।

व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने पहले ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर, सांसद अरुण गोविल, कैंट विधायक अमित अग्रवाल और महापौर हरिकांत अहलूवालिया से भी मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई थी, लेकिन उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिल सकी। इस स्थिति में निराश होकर व्यापारी संगीत सोम के पास पहुंचे। मुलाकात के दौरान सोम ने न केवल व्यापारियों की समस्याएं ध्यानपूर्वक सुनीं, बल्कि उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेंट्रल मार्केट प्रकरण को लेकर वे स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बातचीत करेंगे और समाधान का रास्ता निकालने का प्रयास करेंगे।

2-3 दिन में तय होगा आगे का रास्ता

संगीत सोम ने व्यापारियों से 2 से 3 दिन का समय मांगा है, ताकि वे प्रशासनिक और उच्च स्तर पर बातचीत कर सकें। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस मुद्दे पर ईमानदारी से प्रयास किए जाएंगे और जल्द ही कोई सकारात्मक समाधान सामने लाया जाएगा। सोम के इस आश्वासन के बाद व्यापारियों में उम्मीद की किरण जगी है। हालांकि अब सभी की निगाहें आने वाले कुछ दिनों पर टिकी हैं कि यह भरोसा कितनी जल्दी जमीन पर उतरता है। इस दौरान अंजनेय सिंह एडवोकेट, सेक्टर-2 तिरंगा चौक व्यापार संघ के अध्यक्ष मनोज गर्ग, राहुल मलिक, सुदर्शन दुबलिश, संजीव पुंडीर, अशोक सोम, डीके सोम, अमित अग्रवाल और स्पर्श सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।

11 वें दिन भी महिलाओं को जारी रहा धरना 

सेंट्रल मार्केट सेक्टर-2 में महिलाओं का धरना सोमवार को 11वें दिन भी जारी रहा। भीषण गर्मी और तेज धूप के बावजूद महिलाएं टेंट के नीचे बैठकर अपनी मांगों को लेकर डटी हुई हैं। धरने में शामिल महिलाओं का कहना है कि न तो उनका हौसला कम हुआ है और न ही आंदोलन की ताकत।धरना स्थल पर मौजूद राधा गुप्ता ने बताया कि धरने पर बैठी महिलाएं बेशक कम दिख रही हो लेकिन संख्या बल कम नहीं हुआ है, महिलाएं लगातार आ-जा रही हैं। घर-परिवार, छोटे बच्चों और बुजुर्गों की जिम्मेदारियों के बीच भी वे आंदोलन को जारी रखे हुए हैं।उन्होंने कहा, हमारी संख्या कम नहीं हुई है, हमारा हौसला आज भी उतना ही मजबूत है। धरने पर बैठी महिलाओं ने ये भी बताया की लगातार गर्मी और धूप में धरने पर बैठने से कई महिलाओं की तबियत भी ख़राब हो गई है लेकिन फिर भी वो धरने पर बैठी हैं।महिलाओं का कहना है कि वे किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल नहीं हैं, बल्कि अपनी संपत्ति और छोटे-छोटे व्यवसाय को बचाने के लिए संघर्ष कर रही हैं। उनका आरोप है कि उनकी जीवनभर की कमाई ,मकान और छोटी दुकानों पर संकट खड़ा हो गया है, जिसे वे किसी भी हाल में नहीं छोड़ेंगी।

धरने पर बैठी महिलाओं ने सरकार से सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ आत्मनिर्भर बनने और खुद का रोजगार करने की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर उनके छोटे व्यवसाय और घरों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा की जब हम अपने पैरों पर खड़े होकर काम कर रहे हैं, तो हमें बेघर क्यों किया जा रहा है। अपनी आगे की रणनीति के बारे में महिलाओं ने कहा कि वे कानून के दायरे में रहकर ही अपना आंदोलन जारी रखेंगी और किसी भी तरह का उल्लंघन नहीं करेंगी।आवास विकास की आगे होने वाली नोटिस की कारवाई के बारे में धरने पर बैठी शीतल ने कहा कि वे उसका जवाब जरूर देंगी, लेकिन पहले संबंधित अधिकारी आकर उनसे बातचीत करें और उनकी स्थिति को समझें। उनका आरोप है कि उनके छोटे मकानों को गलत तरीके से बड़ा दिखाकर पेश किया गया है। धरने पर बैठी महिलाओं का कहना है की वो अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रही हैं और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे इसी तरह डटी रहेंगी।

  मौखिक नोटिस में अधिकारी अवैध निर्माण हटाने की कर रहे अपील 

   सोमवार को आवास के अधिकारी उन 816 निर्माणों में कुछ को मौखिक रूप से अवैध निर्माण व व्यवसायिक प्रतिष्ठानाें को बंद करने की अपील की। विभाग के जेई व अन्य कर्मचारी लोगों से अपील कर करते नजर आए। विभाग ने उन घरों तक पहुंच कर वहां के स्वामियों से कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए उस निर्माण को हटाने के लिए कहा ।जिसका उन्हें नोटिस दिया गया है। 

 उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने बताया  कोर्ट के आदेश पर पहले भी 816 भूंखड स्वामियों को पहले से ही नोटिस जारी किए जा चुके है। अब विभाग के अधिकारी व कर्मचारी ऐसे भूखंड स्वामियों  को मौखिक रूप से सैट बैक के अनुसार अवैध निर्माण को हटाने की अपील की रहे है। नोटिस एक दो दिन भी घरों के स्वामियों को नक्शे के साथ दिए जाएंगे। 


  

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