विवाह मंडप व बैंकेट हाल संचालक आयु प्रमाण पत्र देकर कर करें बुकिंग
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बैंक्वेट हॉल, मंडपों को आयु प्रमाण पत्र जांचने के निर्देश
बाल विवाह पर एक लाख जुर्माना, दो साल की कैद का प्रावधान
अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने को विशेष निगरानी
मेरठ। शहर के सभी बैंक्वेट हाल, रेस्टोरेंट, विवाह मंडप, मंदिर, मस्जिद के पुजारियों को जिला प्रोबेशन अधिकारी अनुपमा यादव ने निर्देश दिए है कि वह अपने संस्थानों में बाल विवाह न कराए। विवाह मंडपों में आयु प्रमाण पत्र देखकर ही बुकिंग करें। आयु प्रमाण पत्र को बुकिंग रशीद के साथ लगाए। यह कभी भी चेक हो सकती है।
बाल विवाह को रोकने के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी अनुपमा यादव ने यह कदम उठाया है। उनका कहना है कि युवती की उम्र 18 वर्ष और युवक की उम्र 21 वर्ष होना अनिवार्य है। साथ ही उन्होंने बताया कि अक्सर अक्षय तृतीया पर बाल विवाह करने की रूढ़ीवादी परंपरा कुछ लोगों के बीच ली आ रही है। यह गलत
वर्ष 2026 में अक्षय तृतीय 19 अप्रैल को है। इसलिए यदि कोई ऐसा करता पाया गया तो उसके खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2026 के तहत कार्रवाई की जाएगी। नाबालिग का विवाह करने वाले, जिस विवाह मंडप, बैंक्वेट हाल में हो रहा है, उसके मालिक के खिलाफ और मंदिर-मस्जिद के पुजारी के खिलाफ यह कार्रवाई की जाएगी। जिसमें एक लाख जुर्माना और दो साल की कैद की सजा का प्रावधान है।
उन्होंने वैवाहिक आयोजन कराने वाले टैंट व्यवसायी, बैंड बाजा, कैटर्स, फोटोग्राफर आदि से भी कहा है कि वह भी यदि किसी बाल विवाह में शामिल होते हैं तो जिला प्रोबेशन अधिकारी या जिला प्रशासन को सूचना दें। इसकी सूचना संबंधित थाना के सीयूजी नंबर, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, वूमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181 पर सूचना दे सकते हैं।


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