सेंट्रल मार्केट प्रकरण:
व्यापारियों पर एकतरफा कार्रवाई का कड़ा विरोध
दोषी अधिकारियों पर समान और कठोर कार्रवाई की मांग
मेरठ। आजाद अधिकार सेना ने मेरठ के शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट प्रकरण में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के नाम पर केवल व्यापारियों के खिलाफ की जा रही एकतरफा कार्रवाई पर गहरा रोष एवं कड़ा विरोध व्यक्त किया है। संगठन का कहना है कि जहां हजारों व्यापारी अपनी आजीविका बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं वर्षों से लापरवाही, मिलीभगत और भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों के विरुद्ध अब तक कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं होना न्याय व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
संगठन द्वारा इस संबंध में मुख्य न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन प्रेषित कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने स्वयं इस प्रकरण में उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद (AEVP) के अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे पूरे देश के लिए “eye-opener” बताया है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कार्रवाई का पूरा भार केवल व्यापारियों पर डालना न्याय के मूल सिद्धांतों के विपरीत है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि वर्ष 1978-80 में आवंटित भूखंडों पर दशकों तक प्रशासनिक अनदेखी, लापरवाही और संभावित मिलीभगत के कारण अवैध निर्माण पनपता रहा। यदि समय रहते जिम्मेदार अधिकारियों ने अपनी भूमिका निभाई होती, तो आज हजारों व्यापारी और उनके परिवार आजीविका संकट से नहीं जूझ रहे होते।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि दिनांक 16 एवं 17 अक्टूबर 2025 को थाना नौचंदी, मेरठ में 45 अधिकारियों के विरुद्ध दर्ज एफआईआर आज तक लंबित है और जांच में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक निष्क्रियता बल्कि दोषी अधिकारियों को संरक्षण देने की आशंका को भी बल देती है।
हाल ही में 44 भवनों की सीलिंग एवं 859 संपत्तियों पर की गई कार्रवाई के कारण हजारों व्यापारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के सामने गंभीर आजीविका संकट उत्पन्न हो गया है, जिससे क्षेत्र में व्यापक आक्रोश व्याप्त है।
आजाद अधिकार सेना की मांग है कि व्यापारियों पर एकतरफा कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाते हुए दोषी अधिकारियों के विरुद्ध समान एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध व्यक्तिगत दंडात्मक कार्रवाई (कारावास, आर्थिक दंड, संपत्ति जांच/कुर्की) की जाए
थाना नौचंदी, मेरठ में दर्ज एफआईआर की जांच शीघ्र पूर्ण कर आरोपियों के विरुद्ध तत्काल चार्जशीट दाखिल की जाए
दोषी अधिकारियों की चल-अचल संपत्तियों की जांच कर अवैध संपत्ति पर कार्रवाई की जाए
प्रभावित व्यापारियों को वैकल्पिक व्यवस्था, उचित मुआवजा एवं त्वरित राहत प्रदान की जाए
सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई मानवीय, संतुलित एवं आजीविका को ध्यान में रखते हुए की जाए
पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की अध्यक्षता में सीबीआई अथवा सतर्कता विभाग से कराई जाए


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