शोभि


त विवि में “अंतिम खातों की समझ एवं विश्लेषण” विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित

 मेरठ। नाइस स्कूल इफ बिज़नेस स्टडीज, शोभित विश्वविद्यालय द्वारा “अंतिम खातों की समझ एवं विश्लेषण” विषय पर एक प्रभावशाली विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अंतिम खातों के व्यावहारिक उपयोग तथा उनके विश्लेषण की गहन समझ प्रदान करना रहा।

मुख्य वक्ता एसपी सिंह  (पूर्व महाप्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक एवं अध्यक्ष, मेरठ मैनेजमेंट एसोसिएशन ने अपने उद्बोधन में कहा कि अंतिम खाते किसी भी व्यवसाय की वास्तविक वित्तीय स्थिति को दर्शाने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रेडिंग खाता एवं लाभ-हानि खाता केवल लेखांकन दस्तावेज नहीं, बल्कि व्यवसाय की कार्यक्षमता, लाभप्रदता एवं प्रबंधन की गुणवत्ता को समझने के प्रमुख साधन हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बिक्री, लागत मूल्य तथा लाभ के मध्य संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उनके अनुसार, यदि कोई व्यवसाय इन तीनों तत्वों का सही प्रबंधन करता है, तो वह दीर्घकालिक सफलता प्राप्त कर सकता है।

श्री सिंह ने अपने अनुभवों के आधार पर यह भी बताया कि बैंक एवं निवेशक किसी भी संस्था का मूल्यांकन करते समय केवल आंकड़ों को नहीं देखते, बल्कि उनके विश्लेषण पर अधिक ध्यान देते हैं। इस संदर्भ में उन्होंने वित्तीय अनुपात, टैंजिबल नेट वर्थ तथा डेब्ट-इक्विटी अनुपात के महत्व को विस्तार से समझाया।

उन्होंने आगे कहा कि एक सुदृढ़ ऑपरेटिंग साइकिल, नियंत्रित लागत एवं संतुलित उधारी किसी भी व्यवसाय के सतत विकास के लिए आवश्यक हैं। विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि वे केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रहकर वित्तीय आंकड़ों को समझने और उनका विश्लेषण करने की क्षमता विकसित करें।

यह कार्यक्रम डॉ विकास गुप्ता के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर संस्थान के संकाय सदस्य डॉ नवनीश त्यागी डॉ इवजीनिया राधा शर्मा डॉ सलभ मेहरोत्रा डॉ प्रीति गर्ग, डॉ नेहा यजुर्वेदी, डॉ गार्गी चौधरी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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