सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अस्पतालों की शिफ्टिंग शुरू
सीएमओ ने मरीज शिफ्ट करने की अपील की, देर रात पुलिस ने भी समझाया
मेरठ। सेंट्रल मार्केट के ध्वस्तीकरण संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने 24 घंटे के अंदर 44 संपत्तियों को सील करने का आदेश दिया है। इस आदेश के बाद दुकानदारों से लेकर स्कूल और अस्पताल संचालक परेशान हैं। वही सीएमओ डॉक्टर अशोक कटारिया ने स्वास्थ्य विभाग की और से सीलिंग की कार्रवाई की चपेट में आ रहे अस्पताल में अपनी टीम भेजकर अपने पेशेंट को जल्द शिफ्ट करा दीजिए। ऐसा नहीं होने पर मरीज को मेडिकल और जिला अस्पताल में शिफ्ट करा दिया जाएगा।अस्पताल संचालक मरीजों की शिफ्टिंग में लगे हुए हैं। इस प्रकरण के चलते देर रात तक पुलिस भी मौके पर मौजूद रही
रातों-रात चल रही शिफ्टिंग
सुप्रीम कोर्ट के आदेश और सीएमओ द्वारा दिए गए दिशा निर्देश के बाद जो अस्पताल सीलिंग कार्रवाई की चपेट में उनसे मरीजों की शिफ्टिंग चालू हो गई है। अस्पताल संचालक या प्रबंधन से जुड़े लोगों का कहना है कि इस प्रकार से जिन मरीजों का इलाज चल रहा था उनको भेजना ठीक तो नहीं है लेकिन क्योंकि निर्णय मान्य सर्वोच्च न्यायालय का है, इसलिए हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि हम अपने मरीज को सुरक्षित रखकर अन्य अस्पतालों में शिफ्ट कर सकें।
स्वास्थ्य विभाग करेगा पूरा सहयोग- सीएमओ
ध्वस्तीकरण प्रकरण में सीलिंग की कार्रवाई के आदेश के बाद मेरठ सीएमओ डॉक्टर अशोक कटारिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश अनुसार स्वास्थ्य विभाग अपनी ओर से पूरी कोशिश करेगा। जिन मरीजों कहीं शिफ्ट नहीं किया जाएगा उसके लिए प्रत्येक अस्पताल में एंबुलेंस भेजी जाएगी और उसे मरीज को मेरठ मेडिकल या पीएल शर्मा जिला अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा । मरीज के स्वास्थ्य की पुरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग सुनिश्चित करने की कोशिश करेगा।
दुकान भी हुई खाली
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद व्यापारियों ने दुकानें भी खाली करनी शुरू कर दी हैं। उनका मानना है कि यदि सीलिंग कार्रवाई होती है तो उसके बाद अपना जरूरी सामान भी दुकानों से नहीं निकाल पाएंगे
कल पर टिकी सब की निगाहें
आवास विकास की टीम आज शाम के समय भी दो बार सेंट्रल मार्केट पहुंची लेकिन व्यापारियों ने उन्हें वापस भेज दिया। व्यापारियों द्वारा दिया गया यह कारण था कि उनके पास लिखित में कोई आदेश नहीं है हालांकि देर रात आदेश आने के चलते अब सीलिंग की कार्रवाई पर सब की निगाहें टिकी हुई है। हजारों लोग इस सीलिंग के कार्रवाई से प्रभावित होने जा रहे हैं।



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