होर्मुज में बढ़ी जंग की आहट
अमेरिकी नाकाबंदी नहीं तोड़ पाया चीनी टैंकर
वॉरशिप की चेतावनी के बाद वापस मुड़ा
तेहरान ,एजेंसी। होर्मुज जलडमरूमध्य में चल रहा तनाव अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त नाकाबंदी (Naval Blockade) की चुनौती देते हुए आगे बढ़ रहा एक चीनी टैंकर अमेरिकी युद्धपोत की चेतावनी के बाद पीछे हटने को मजबूर हो गया।
चीन का एक विशालकाय टैंकर, जो संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारी मात्रा में मेथेनॉल लेकर आ रहा था, ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी नौसेना की घेराबंदी को तोड़ने की कोशिश की। यह टैंकर ईरान के समुद्री क्षेत्रों के करीब से गुजरने का प्रयास कर रहा था, जिसे अमेरिका ने वर्तमान प्रतिबंधों के तहत 'नो-गो ज़ोन' घोषित कर रखा है।
अमेरिकी वॉरशिप की कड़ी चेतावनी
जैसे ही चीनी टैंकर ने प्रतिबंधित समुद्री सीमा में प्रवेश करने की कोशिश की, वहां तैनात अमेरिकी युद्धपोत (US Warship) ने उसे रेडियो पर कड़ी चेतावनी दी। सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना ने स्पष्ट कर दिया था कि यदि टैंकर ने अपनी दिशा नहीं बदली, तो उस पर बल प्रयोग किया जा सकता है। इस 'फेस-ऑफ' के बाद चीनी टैंकर के कैप्टन ने जोखिम न लेते हुए जहाज को वापस मोड़ लिया।
ट्रंप की 'नेवल ब्लॉकेड' नीति
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर दबाव बनाने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी के आदेश दे रखे हैं। ट्रंप का तर्क है कि जब तक ईरान परमाणु समझौते की शर्तों को पूरी तरह नहीं मानता, तब तक इस रास्ते से होने वाले किसी भी व्यापारिक संदिग्ध मूवमेंट को रोका जाएगा। चीन, जो ईरान का बड़ा व्यापारिक साझेदार है, इस नाकाबंदी का लगातार विरोध कर रहा है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है। यहाँ होने वाली किसी भी छोटी सी भिड़ंत का असर सीधे तौर पर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ता है। इस ताजा घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की आशंका जताई जा रही है।


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