वेंक्टेश्वरा स्कूल ऑफ नर्सिंग में नर्सिंग क्षेत्र में विविध नैदानिक वातावरण की स्थापना चुनौतियाँ एवं समाधान’’ विषय पर राष्ट्रीय सेमीनार
- नर्सिंग सेक्टर असीम रोजगार संभावनाओं से भरा क्षेत्र, लेकिन नर्सिंग प्रोफेशनल्स को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय जरूरतों एवं नयी-नयी तकनीकों के साथ अपने आप को करना होगा अपग्रेड- सुधीर गिरि, संस्थापक अध्यक्ष, वेंक्टेश्वरा समूह
- आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस (ए.आई.) के बढ़ते वैश्विक परिदृश्य में नर्सिंग प्रोफेशनल्स ’’अपस्किलिंग’’ करते हुए प्रभावी तरीके से करे कार्यक्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का सामना- डाॅ. राजीव त्यागी, प्रति कुलाधिपति
- शानदार ट्रेनिंग प्लेसमेन्ट, शोध एवं नवाचारों के बल पर वेंक्टेश्वरा का स्कूल ऑफ नर्सिंग बना ’’सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स’’- प्रो. कृष्ण कान्त दवे, कुलपति
मेरठ।राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ नर्सिंग की ओर से ’’नर्सिंग क्षेत्र में विविध नैदानिक वातावरण की स्थापना में चुनौतियाँ एवं समाधान’’ विषय पर एकदिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार का शानदार आयोजन किया गया, जिसमें लखनऊ, गुरूग्राम एवं दिल्ली से आये आधा दर्जन नर्सिंग एक्सपर्ट ने आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस के इस दौर में नर्सिंग क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की चुनौतियों का सटीक समाधान करते हुए एक ’’आदर्श नैदानिक वातावरण’’ की स्थापना कर नर्सिंग प्रोफेशनल्स द्वारा लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
राष्ट्रीय सेमीनार का शुभारम्भ प्रति कुलाधिपति डाॅ. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो.कृष्ण कान्त दवे, उप्र. यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साईंसेस के प्रो. सैम्बियन एन.आर.एम.एल. हॉस्पिटल नई दिल्ली की प्रो. साक्षी गौतम, प्रो.प्रमोद कुमार, गुरू तेग बहादुर हॉस्पिटल दिल्ली के सीनियर नर्सिंग ऑफिसर पवन कुमार, डीन नर्सिंग डाॅ. ऐना ऐरिक ब्राउन, डाॅ.मंजरी राणा आदि ने सरस्वती माँ की प्रतिमा के सन्मुख दीप प्रज्जवलित करके किया।
अपने सम्बोधन में मुख्य वक्ता स्टेट मेडिकल काॅलेज सैफई के प्रो. सैम्बियन एन. ने कहा कि नर्सिंग सेक्टर युवाओं विशेष रूप से बेटियों के लिए असीम सम्भावनाओं से भरा एक सम्मानित व सुरक्षित शानदार कैरियर विकल्प है। लेकिन वैश्विक जरूरतों के मद्देनजर इण्डिया हेल्थ केयर सिस्टम में ’’डिमाण्ड एवं सप्लाई’’ के बीच बड़ा अन्तर है। आज हम यू.के., यू.एस., कनाडा के नर्सिंग हेल्थ केयर को देखते है, जहां कोई भी दुर्घटना या इमरजेंसी होने पर वहां के प्रत्येक छोटे-2 शहरो में ’’एडवान्स एयर एम्बुलेन्स’’ सुविधा उपलब्ध है, जहां कुछ ही मिनटो में सैकड़ों किलोमीटर दूर हायर सेन्टर में मरीज को शिफ्ट कर आसानी से उसकी जान बचायी जा सकती है।
हमारे देश में बड़े विश्वस्तरीय कारपोरेट हॉस्पिटल खुले है, पर एडवान्स मेडिकल तकनीको, शोध एवं मरीज को त्वरित रूप से हायर सेन्टर ले जाने वाली सुविधाओ पर हमें अभी बहुत काम करना होगा। एकदिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार को आर.एम.एल.हॉस्पिटल नयी दिल्ली की प्रो,।साक्षी गौतम, यू पी मेडिकल साईंसेस विश्वविद्यालय सैफई के प्रो. प्रमोद कुमार एवं गुरू तेग बहादुर हॉस्पिटल दिल्ली के सीनियर ऑफिसर कुमार ने भी सम्बोधित किया। डीन स्कूल ऑफ नर्सिंग प्रो. (डाॅ.) ऐना ऐरिक ब्राउन ने प्रतिकुलाधिपति डाॅ.राजीव त्यागी एवं कुलपति प्रो कृष्ण कान्त दवे के साथ मिलकर सभी अतिथियों को बुके एवं स्मृति चिन्ह भेट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. पीयूष कुमार पाण्डेय, डीन एकेडमिक एवं मुख्य परीक्षा नियंत्रक डाॅ. राजेश सिंह, डाॅ.ऐना ऐरिक ब्राउन, डॉ मंजरी राणा, डाॅ. मनीष कुमार शर्मा, डाॅ. करूणा सिंह, डाॅ. बंकिम चन्द्रा, मिस सरजू, जूही गुप्ता, संजीव कुमार, अनुषा कर्णवाल, इन्दु, हुमा, निशा, तहशीर, सुहैव, जुबैर, हरप्रीत, अखिल, अनुज, सुमनदीप कौर, अलीशा, हिमानी, मेरठ परिसर से निदेशक डाॅ. पंकज सिंह, मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि लोग उपस्थित रहे।





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