डिजिटल अरेस्ट पर सीजेआई ने जताई चिंता
बोले- पढ़े-लिखे भी बन रहे शिकार, बैंकों को दिए सख्त आदेशनई दिल्ली (एजेंसी)।सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट से जुड़ी बढ़ती ठगी की घटनाओं पर एक बार फिर गंभीर चिंता जताई है। सोमवार को सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि यह बेहद चौंकाने वाली और चिंताजनक स्थिति है कि अच्छी शिक्षा प्राप्त लोग भी इस तरह के साइबर अपराध का शिकार हो रहे हैं।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची भी शामिल थे, डिजिटल अरेस्ट पीड़ितों से जुड़े स्वत: संज्ञान मामले पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान अटॉर्नी जनरल आर वेंकटारमानी ने अदालत को बताया कि इस मुद्दे पर लगातार बैठकें हो रही हैं और सरकार तेजी से आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने मामले को 12 मई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया।
बुजुर्ग महिला की पूरी रिटायरमेंट राशि ठगी गई
सुनवाई के दौरान सीजेआई ने एक बुजुर्ग महिला का मामला साझा किया, जिन्हें वह आधिकारिक तौर पर जानते हैं। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण रूप से महिला की पूरी रिटायरमेंट राशि साइबर ठगों ने हड़प ली। इस पर अदालत ने गहरी नाराजगी जताई।
अटॉर्नी जनरल ने अदालत को बताया कि आरबीआई ने बैंकों के लिए एक प्रारूप तैयार कर लिया है, जिसमें संदिग्ध लेनदेन रोकने और खातों पर अस्थायी डेबिट होल्ड लगाने जैसे प्रावधान शामिल हैं। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई को तय की है।


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