मेरठ कैंट व दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में कटे सबसे ज्यादा वोट
फर्जी वोटों पर बड़ा एक्शन, 4.96 लाख नाम मतदाता सूची से बाहर,
मेरठ में अब 21.93 लाख वोटर, पिछली बार 26.90 लाख वोटरोें की थी संख्या
बूथों की संख्या 2758 से बढ़कर 2981 हुई
मेरठ। जिले में सातों विधान सभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत 4.96 लाख फर्जी वोट हटाए गए हैं। अब जिले में कुल 21.93 लाख मतदाता रह गए हैं। मेरठ कैंट और मेरठ दक्षिण में सबसे ज्यादा वोट कटे। मेरठ कैंट में 1,21,727 और मेरठ दक्षिण में 1,18,280 वोट कम हुए हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम डॉ. वीके सिंह ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में मेरठ में 4.96 लाख वोट फर्जी पाई गईं जिन्हें मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया है। अब जनपद में कुल 21,93,637 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।
मतदाता सूची के शुद्धिकरण अभियान का सबसे बड़ा असर मेरठ कैंट और मेरठ दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में देखने को मिला है। इन दोनों विधानसभाओं में कुल मिलाकर 2.40 लाख वोट काटे गए हैं। डीएम ने बताया कि एसआईआर अभियान से पहले जिले में मतदाताओं की कुल संख्या 26.90 लाख थी जो अब घटकर 21.93 लाख रह गई है।
निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम डॉ. वीके सिंह ने बताया कि एक जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर ये प्रक्रिया पूरी हुई है। एसआईआर अभियान के प्रथम चरण में करीब 6.54 लाख वोट कटी थी। फॉर्म-6 से नए मतदाता और फॉर्म-7 मतदाता सूची से नाम हटाने का अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान यह तथ्य सामने आया कि एक ही मतदाता के नाम पर दो, तीन और कहीं-कहीं 10-10 वोट बनी हुई थीं। बीएलओ ने 2981 बूथों पर डोर-टू-डोर सर्वे कर ऐसी 4,96,177 फर्जी वोटों को चिन्हित कर सूची से हटाया। करीब 2.50 लाख मतदाताओं को दो बार नोटिस भी दिया गया ताकि वे 2003 की वोटर लिस्ट से मिलान कर अपनी वोट को सही करा सकें। फॉर्म-7 के माध्यम से भी सातों विधानसभाओं में 6,782 नाम हटाए गए हैं।
1.66 लाख युवा बने नए मतदाता
शुद्धिकरण के साथ-साथ नए मतदाताओं को जोड़ने का काम भी तेजी से हुआ। 1 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर चले अभियान में 1,66,134 युवाओं ने फॉर्म-6 भरकर पहली बार मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराया है। इस वृद्धि के साथ ही जिले में मतदेय स्थलों (बूथों) की संख्या भी 2758 से बढ़ाकर 2981 कर दी गई है।
डीएम डॉ. वीके सिंह ने जनसामान्य से अपील की है कि वे निर्वाचन आयोग की वेबसाइट या जिला निर्वाचन कार्यालय में जाकर नई सूची का अवलोकन कर लें। यदि अभी भी कोई त्रुटि है या किसी पात्र व्यक्ति का नाम छूट गया है तो तत्काल संबंधित अधिकारियों को अवगत कराएं।
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